

Bhopal Hotel Lift Accident : भोपाल के अरेरा हिल्स स्थित कोर्टयार्ड बाय मैरियट होटल में रविवार सुबह लिफ्ट खराब होने से वरिष्ठ IAS अधिकारी की पत्नी समेत तीन लोग करीब 20 से 25 मिनट तक लिफ्ट में फंसे रहे। बताया गया कि महिला होटल में आयोजित मेडिकल कॉन्फ्रेंस में शामिल होने पहुंची थीं। सुबह करीब 10:40 बजे लिफ्ट अचानक बीच में रुक गई, जिसके बाद अंदर मौजूद लोगों ने मदद के लिए संपर्क करने का प्रयास किया।
लिफ्ट में फंसने के बाद महिला ने अंदर दिए गए संपर्क नंबर पर फोन कर मदद मांगी, लेकिन तत्काल रिस्पॉन्स नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने अपने पति को घटना की जानकारी दी। मामले की सूचना प्रशासनिक स्तर तक पहुंची, जिसके बाद नगर निगम की टीम को होटल भेजा गया। टीम ने मौके पर पहुंचकर लिफ्ट में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू की।
लिफ्ट में फंसे तीनों लोगों को करीब 20 से 25 मिनट बाद रेस्क्यू किया जा सका। घटना के बाद नगर निगम के फायर ब्रिगेड, विद्युत और स्वास्थ्य अमले ने होटल पहुंचकर लिफ्ट और फायर सेफ्टी से जुड़े इंतजामों की जांच शुरू की। अधिकारियों ने लिफ्ट की सुरक्षा व्यवस्था के साथ उसके मेंटेनेंस रिकॉर्ड और आपातकालीन व्यवस्थाओं को भी देखा।
जांच के दौरान जिस लिफ्ट में तीन लोग फंसे थे, उसमें ऑटोमेटिक रेस्क्यू डिवाइस यानी ARD नहीं मिला। यह उपकरण बिजली जाने या लिफ्ट के अचानक रुकने जैसी स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित तरीके से नजदीकी फ्लोर तक पहुंचाने में मदद करता है। निगम की जांच में लिफ्ट के नियमित मासिक मेंटेनेंस को लेकर भी कमी सामने आई।
नगर निगम के मुताबिक, संबंधित लिफ्ट का निर्धारित मासिक संधारण 31 अगस्त 2026 को होना था, लेकिन यह मेंटेनेंस नहीं कराया गया था। जांच टीम ने होटल की अन्य लिफ्टों और फायर सेफ्टी व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। अग्नि सुरक्षा और इमरजेंसी एग्जिट से जुड़े कुछ निर्धारित मानकों में भी कमियां सामने आने की बात निगम ने कही है।
जांच में सामने आई कमियों के बाद भोपाल नगर निगम ने होटल की तीन लिफ्टों को अस्थायी रूप से सील कर दिया। निगम की कार्रवाई के बाद होटल में लिफ्ट संचालन और सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठे हैं। अब संबंधित व्यवस्थाओं में सुधार और निर्धारित मानकों के पालन के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
होटल की घटना के बाद नगर निगम ने भोपाल की हाईराइज इमारतों में लगी लिफ्टों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच के निर्देश दिए हैं। जांच के दौरान लिफ्ट के मेंटेनेंस रिकॉर्ड, ARD समेत अन्य सुरक्षा उपकरण और फायर सेफ्टी इंतजामों को देखा जाएगा। होटल जैसी जगहों पर बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही को देखते हुए निगम अब दूसरी हाईराइज इमारतों में भी सुरक्षा मानकों के पालन की स्थिति जांचेगा।