Bhopal News: गोविंदपुरा के जंगल में भीषण आग से मचा हड़कंप, दमकल और स्थानीय लोगों की सतर्कता से टला बड़ा हादसा

Budh Vihar Fire: भोपाल के गोविंदपुरा स्थित अन्ना नगर और बुध विहार के सामने जंगल में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। दमकल और स्थानीय लोगों की मदद से समय रहते आग पर काबू पा लिया गया।
Bhopal Govindpura Forest Fire
आग (फोटो सोर्स- नवभारत)
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Bhopal Govindpura Forest Fire: राजधानी भोपाल के गोविंदपुरा क्षेत्र स्थित वार्ड क्रमांक 59 में अन्ना नगर और बुध विहार के सामने जंगल क्षेत्र में अचानक भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते आग ने जंगल के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया, जिससे आसपास रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई। हालांकि समय रहते दमकल विभाग और स्थानीय लोगों की सक्रियता से आग पर काबू पा लिया गया और किसी बड़े हादसे से बचाव हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के बाद धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई देने लगा। जंगल में सूखी घास और झाड़ियों के कारण आग तेजी से फैल रही थी, जिससे आसपास के रिहायशी इलाके भी खतरे की जद में आ सकते थे। सूचना मिलते ही वार्ड 59 की पार्षद अनीता प्रमोद शुक्रवारे के पति प्रमोद शुक्रवारे मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेते हुए संबंधित विभागों को तत्काल सूचना दी।

फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया

प्रमोद शुक्रवारे ने स्थानीय प्रशासन, नगर निगम और बीएचएल प्रबंधन से संपर्क कर दमकल  और पानी के टैंकरों की व्यवस्था कराई। इसके बाद फायर ब्रिगेड की टीम और स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयास से आग पर समय रहते नियंत्रण पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, हालांकि जंगल के कई पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचा है।

ऊंची दीवारों के कारण आग बुझाने में दिक्कत

घटना के बाद प्रमोद शुक्रवारे ने बीएचएल परिसर के आसपास बनी ऊंची दीवार को लेकर चिंता जताई। उनका आरोप है कि इसी दीवार के कारण दमकल विभाग की बड़ी गाड़ियां आग वाले स्थान तक सीधे नहीं पहुंच सकीं, जिससे राहत कार्य में कठिनाई आई। उनका कहना है कि यदि आग और अधिक फैल जाती तो हालात गंभीर हो सकते थे। उन्होंने भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए वैकल्पिक मार्ग या दीवार में आवश्यक बदलाव करने की मांग की।

BHL के अधिकारियों ने नहीं उठाए फोन

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आपातकालीन स्थिति के दौरान बीएचएल के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन समय पर फोन रिसीव नहीं किए गए। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जंगल से सटे इलाके में बड़ी आबादी निवास करती है, इसलिए भविष्य में आग जैसी घटनाओं से बचाव के लिए स्थायी और प्रभावी व्यवस्था की जरूरत है।

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