भोपाल में फेथ क्रिकेट अकादमी का संचालक राघवेंद्र तोमर गिरफ्तार, पूर्व DPG एच.एम. जोशी के साथ धोखाधड़ी का आरोप

Raghvendra Singh Tomar Arrest: हबीबगंज पुलिस ने फेथ क्रिकेट अकादमी के संचालक राघवेंद्र सिंह तोमर को गिरफ्तार कर लिया है। तोमर पर पूर्व डीजीपी एच.एम. जोशी के साथ पार्टनरशिप धोखाधड़ी करने का आरोप है।
Bhopal Faith Cricket Academy Scam
राघवेंद्र सिंह तोमर (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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Bhopal Faith Cricket Academy Scam: भोपाल में एक बड़े धोखाधड़ी मामले में हबीबगंज थाना पुलिस ने फेथ क्रिकेट अकादमी के संचालक राघवेंद्र सिंह तोमर को गुरुवार रात गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई चार साल पुराने उस मामले में हुई है, जिसमें पूर्व डीजीपी एच.एम. जोशी के साथ कथित रूप से फर्जीवाड़ा कर उन्हें एक पार्टनरशिप फर्म से बाहर करने का आरोप है।

थाना प्रभारी संजीव चौकसे के अनुसार, रिटायर्ड डीजीपी एच.एम. जोशी ई-5 अरेरा कॉलोनी में रहते हैं और उनकी रातीबड़ थाना क्षेत्र के ग्राम सेमरी में जमीन है। इसी जमीन पर क्रिकेट अकादमी विकसित करने के लिए साल 2017 में जोशी और राघवेंद्र सिंह तोमर के बीच साझेदारी हुई थी। इस परियोजना के तहत 'मैसर्स फेथ क्रिकेट क्लब' नाम से एक फर्म बनाई गई थी।

धोखाधड़ी कर जोशी को पार्टनरशिप से बाहर किया

पुलिस जांच में सामने आया कि कुछ समय बाद आरोपी राघवेंद्र सिंह तोमर ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर पूर्व डीजीपी एच.एम. जोशी को पार्टनरशिप से बाहर कर दिया। आरोप है कि इस दौरान जोशी के फर्जी हस्ताक्षर भी किए गए। करीब 2 साल बाद जोशी को फर्जीवाड़े का पता चला, जिसके बाद उन्होंने रातीबड़ थाने में शिकायत की। फर्जीवाड़े के दस्तावेज हबीबगंज थाना क्षेत्र में तैयार किए गए थे। ऐसे में केस को हबीबगंज थाने में केस ट्रांसफर हुआ।

राघवेंद्र तोमर की गिरफ्तारी

2022 में हबीबगंज थाने में FIR दर्ज की गई, तभी से पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी। जांच के बाद गुरुवार रात हबीबगंज थाना पुलिस ने आरोपी राघवेंद्र सिंह तोमर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आगे की जांच में दस्तावेजों की सत्यता और वित्तीय लेन-देन की गहराई से जांच की जा रही है। आरोपी तोमर के पिता पीएम तोमर रिटायर्ड IPS अधिकारी हैं और IG पद से रिटायर हुए थे।

आगे की जांच में जुटी पुलिस

पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं और कितनी संपत्ति से जुड़े विवाद हैं। मामले की आगे की कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों के अनुसार की जाएगी। यह मामला भोपाल में चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि इसमें एक पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और एक स्पोर्ट्स अकादमी से जुड़े कारोबारी के बीच हुए कथित धोखाधड़ी विवाद ने नया मोड़ ले लिया है।

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