भोपाल: E20 पेट्रोल पर बढ़ा विवाद, सरकार के दावे बनाम मैकेनिकों का अनुभव; आखिर सच क्या है?

Navbharat Live Ground Report: देश में E20 पेट्रोल सप्लाई बढ़ने से बहस तेज, भोपाल के मैकेनिकों ने कहा कि टैंक में आ रही नमी, कंपनियों ने माना 3.5% तक घट सकता है माइलेज, जांच जारी।
E20 petrol controversy raises questions over government claims and mechanics' experience
भोपाल ग्राउंड रिपोर्ट (सोर्स- नवभारत लाइव)
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Bhopal E20 Fuel Ground Report: देशभर में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित (ई20) पेट्रोल की सप्लाई बढ़ने के साथ ही इसे लेकर बहस भी तेज हो गई है। केंद्र सरकार का कहना है कि एथेनॉल ब्लेंडिंग से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटेगी, विदेशी मुद्रा की बचत होगी, किसानों की आय बढ़ेगी और प्रदूषण कम होगा। सरकार के मुताबिक भारत ने 20 प्रतिशत एथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य तय समय से पहले हासिल कर लिया है।

लेकिन दूसरी ओर कई वाहन मालिक और स्थानीय मैकेनिक ई20 पेट्रोल को लेकर अलग अनुभव बता रहे हैं। भोपाल में हमारी टीम ने कई अनुभवी ऑटो मैकेनिकों से बात की। उनका दावा है कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल आने के बाद कई वाहनों में माइलेज कम होने की शिकायतें बढ़ी हैं।

ई20 की वजह से फ्यूल टैंक में नमी?

कुछ मैकेनिकों का कहना है कि कई गाड़ियों की फ्यूल टैंक में नमी या पानी जैसी समस्या देखने को मिल रही है और कुछ वाहनों को पहले की तुलना में अधिक बार सर्विस की जरूरत पड़ रही है। उनका यह भी कहना है कि सरकार भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में आगे बढ़ रही है और यह बदलाव उसी रणनीति का हिस्सा हो सकता है।

सरकार और ऑटोमोबाइल कंपनियों का क्या है पक्ष?

हालांकि इन दावों पर सरकार और ऑटोमोबाइल कंपनियों का अलग पक्ष है। सरकार का कहना है कि ई20 ईंधन पर व्यापक परीक्षण किए गए हैं और वैज्ञानिक आधार पर इंजन को नुकसान पहुंचाने या असामान्य खराबी के दावे सही नहीं पाए गए। वाहन निर्माता कंपनियों का कहना है कि पुराने वाहनों में भी ई20 से इंजन खराब होने के प्रमाण नहीं मिले हैं, हालांकि एथेनॉल की ऊर्जा क्षमता पेट्रोल से कम होने के कारण लगभग 3 से 3.5 प्रतिशत तक माइलेज में कमी आ सकती है।

फिलहाल ई20 पेट्रोल को लेकर देशभर में बहस जारी है। एक तरफ सरकार इसे ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण और किसानों के हित में बड़ा कदम बता रही है, वहीं दूसरी तरफ कुछ वाहन मालिक और मैकेनिक इसके व्यावहारिक असर पर सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि ई20 पेट्रोल को लेकर उपभोक्ताओं के अनुभव और तकनीकी अध्ययन क्या तस्वीर पेश करते हैं।

https://youtu.be/EIKi0Q1IiW0?si=wggF46rmJy5iPLgc

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