भोपाल में बीच सड़क पर आशा कार्यकर्ताओं का जबरदस्त प्रदर्शन, चक्कर खाकर गिरी महिला; आंदोलन तेज करने की चेतावनी

Bhopal Asha Workers Protest: भोपाल के मैनिट चौराहे पर आशा-उषा कार्यकर्ताओं का हल्लाबोल, ₹21 हजार मानदेय और राज्य कर्मचारी के दर्जे की मांग, प्रदर्शन के दौरान एक महिला कार्यकर्ता बेहोश।
ASHA workers staged a massive protest on the streets of Bhopal over their pending demands, during which a woman reportedly collapsed, intensifying the agitation
भोपाल में आशा कार्यकर्ताओं का जोरदार प्रदर्शन (सोर्स- नवभारत लाइव)
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Asha And Usha Workers Protest Bhopal: राजधानी भोपाल में सोमवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचीं आशा और उषा कार्यकर्ताओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मैनिट चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने रैली निकालते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और धरने पर बैठ गईं।

प्रदर्शन के कारण कुछ समय तक मैनिट चौराहे और आसपास के क्षेत्रों में यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्था संभाली, जबकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर सरकार से तत्काल निर्णय लेने की मांग पर अड़ी रहीं।

मानदेय बढ़ाने के वादे पर अमल नहीं होने का आरोप

प्रदर्शन कर रही आशा कार्यकर्ताओं ने सरकार पर वादा पूरा नहीं करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की थी कि आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में हर वर्ष एक हजार रुपये की वृद्धि की जाएगी। लेकिन साल 2023 के बाद अब तक इस घोषणा को लागू नहीं किया गया और मानदेय में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग और सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित किया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे प्रदेशभर की हजारों आशा और उषा कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

धरने के दौरान महिला कार्यकर्ता की बिगड़ी तबीयत

प्रदर्शन के दौरान तेज धूप और लंबे समय तक खुले में बैठे रहने के कारण एक महिला आशा कार्यकर्ता की तबीयत अचानक बिगड़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महिला को चक्कर आने के बाद वह बेहोश होकर गिर पड़ी। मौके पर मौजूद अन्य महिला कार्यकर्ताओं ने उसे पानी पिलाकर और प्राथमिक सहायता देकर संभालने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कई घंटों तक धरना जारी रहने के बावजूद उनकी समस्याएं सुनने कोई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे उनमें और नाराजगी देखने को मिली।

राज्य कर्मचारी का दर्जा और 21 हजार मानदेय की मांग

आशा और उषा कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांग की कि उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए और न्यूनतम 21 हजार रुपये मासिक मानदेय सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा हर वर्ष नियमित वेतन वृद्धि लागू करने, लंबित प्रोत्साहन राशि का तत्काल भुगतान करने तथा अन्य लंबित सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई गई।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मध्य प्रदेश सरकार ने जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी स्तर पर और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

https://youtu.be/505jeIONKVg?si=0RGqrewkDdnst3E3

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