एकमात्र मंदिर जहां श्रीराम को राजा और भगवान दोनों रूपों में पूजा जाता है, यहां दर्शन करना न भूले

अगर आप मध्यप्रदेश में है और उसकी खास जगहों को एक्सप्लोर करना चाहते है, तो ये जगह आपके लिए एक परफेक्ट डेस्टीनेशन है। मध्यप्रदेश के निवाड़ी जिले में ओरछा एक छोटा-सा टाउन है। जो अपनी खूबसूरती और प्राचीन विरासतों के लिए प्रसिद्ध है।
Orchha madhya pradesh
ओरछा (सौजन्य-एक्स)
Updated on

नवभारत डेस्क: अगर आप मध्यप्रदेश में है और उसकी खास जगहों को एक्सप्लोर करना चाहते है, तो ये जगह आपके लिए एक परफेक्ट डेस्टीनेशन है। मध्यप्रदेश के निवाड़ी जिले में ओरछा एक छोटा-सा टाउन है। जो अपनी खूबसूरती और प्राचीन विरासतों के लिए प्रसिद्ध है।

ओरछा बेतवा नदी के किनारे बसा मध्यप्रदेश का एक ऐतिहासिक और धार्मिक टाउनसक्ष है। ओरछा को महलों का शहर भी कहा जाता है। ओरछा अपने भव्य महलों और नक्काशीदार मंदिरों के लिए जाना जाता है। यहां कि क्लासिक पेंटिंग्स और छतरियों के लिए काफी प्रसिद्ध है। इन्हें बुंदेला शासकों की याद में बनाया गया था।

ओरछा का ये ऐतिहासिक शहर अपनी खूबसूरती से पर्यटकों का मन मोह लेता है। ओरछा बुंदेला राजपूत सरदार द्वारा 1501 में स्थापित किया गया था। ओरछा का शाब्दिक अर्थ होता है 'एक गुप्त स्थान', यह बुंदेलों की राजधानी थी। ओरछा भले ही छोटा टाउन है लेकिन इसकी ऐतिहासिक विरासत विश्व प्रसिद्ध है। जहां एक बार जाने पर ये जगह और इसका इतिहास आपके दिल को छू लेगा।

राजा राम मंदिर

ओरछा में सबसे प्रमुख आकर्षण है यहां का राम राजा मंदिर। ओरछा में ४०० वर्ष पूर्व भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक हुआ था और उसके बाद से आज तक यहां भगवान श्रीराम को राजा के रुप में पूजा जाता है। ये एक मात्र ऐसी जगह है जहां भगवान राम को राजा और भगवान दोनों ही रूपों में पूजा जाता है। इसके पीछे भी एक रोचक कहानी है। जो वहां के स्थानीय लोगों से जानने को मिलेगी।

राजा राम मंदिर
राजा राम मंदिर (सौजन्य-एक्स)

ओरछा में लक्ष्मी नारायण मंदिर

ओरछा में लक्ष्मी नारायण मंदिर भी है। ये एक भव्य मंदिर है जो एक किले और मंदिर का एक मिश्रण है। ये लक्ष्मी नारायण मंदिर अपनी अनूठी वास्तुकला के लिए जाना जाता है।

लक्ष्मी नारायण मंदिर
लक्ष्मी नारायण मंदिर (सौजन्य-एक्स)

जहांगीर महल

ओरछा के प्रमुख आकर्षण में जहांगीर महल भी शामिल है। ये महल मुगल सम्राट जहांगीर के समय में बनाया गया था। ये महल बुंदेला राजपूतों और मुगल शासक जहांगीर की दोस्ती की यह निशानी है। यह तीन मंजिला महल जहांगीर के स्वागत में राजा बीरसिंह जुदेव बुंदेला ने बनवाया था।

जहांगीर महल
जहांगीर महल (सौजन्य-एक्स)

कैसे पहुंचे ओरछा

ओरछा पहुंचने के लिए कोई सीधी फ्लाइट नहीं है। ओरछा का सबसे नजदीकी एयरपोर्ट खजुराहो एयरपोर्ट है जोकि ओरछा से 143 किमी की दूरी पर स्थित है। साथ ही एक ग्वालियर एयरपोर्ट है जो ओरछा से लगभग 140 किमी दूर है। एयरपोर्ट से आप ऑटो या कैब करके ओरछा पहुंच सकते है। ओरछा के लिए आपको 16 किमी दूर झांसी बस स्टॉप से बस लेनी होगी। क्योंकि ओरछा के लिए कोई सीधी सड़क कनेक्टिवीटी नहीं है। अगर आप ट्रेन से जा रहे है तो ओरछा के लिए सीधी ट्रेन उपलब्ध नहीं है। ट्रेन से आपको ओरछा से करीब 18 किलोमीटर दूर झांसी रेल्वे स्टेशन उतरना होगा। रेल्वे स्टेशन से आप ऑटो या कैब करके ओरछा पहुंच सकते है। ओरछा इतना छोटा और सुंदर टाउन है जहां आने जाने के लिए साइकल का उपयोग किया जाता है। ओरछा में घूमने के लिए केवल साइकल ही उपलब्ध है।

Navbharat Live
navbharatlive.com