देश का रहस्यमयी किला जहां से अचानक गायब हो गई थी बारात, दिन में भी जाने से डरते हैं लोग

भारत के इस रहस्यमयी किले का नाम गढ़कुंडार किला है जो लगभग 1500  से 2000 साल पुराना माना जाता है। इस किले पर चंदेलों और खंगार जैसे कई शासकों ने शासन किया है। यह मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले के एक छोटे से गांव में स्थित है।
देश का रहस्यमयी किला जहां से अचानक गायब हो गई थी बारात, दिन में भी जाने से डरते हैं लोग
गढ़कुंडार किला (सौ. सोशल मीडिया)
Updated on

Mysterious Forts in India: भारत में राजा महाराजाओं के शासन काल में कई जगहों पर किलों का निर्माण हुआ। इन किलों का इतिहास और वास्तुकला देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर में काफी प्रसिद्ध है। हमारे देश के अलग-अलग जगहों पर सैकड़ों किले बने हुए हैं। वहीं, ऐसे भी किले हैं जिनके इतिहास या निर्माण के बारे में कोई जानकारी नहीं मिलती है। प्राचीन काल की हर जगह का अपना एक रहस्य होता है जिसके बारे में जानने के लिए लोग हमेशा जिज्ञासू रहते हैं। भारत में ऐसा ही एक रहस्मयी किला मौजूद है जिसके बारे में शायद आपने सुना हो। इस किले के बारे में कहा जाता है कि यहां पर एक बारात गायब हो गई थी जिसका आज तक कोई पता नहीं चला है। आइए, जानते हैं इस रहस्मयी किले के बारे में-

भारत का रहस्मयी मंदिर

भारत के इस रहस्यमयी किले का नाम गढ़कुंडार किला है जो लगभग 1500  से 2000 साल पुराना माना जाता है। इस किले पर चंदेलों, बुंदेलों और खंगार जैसे कई शासकों ने शासन किया है। यह मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले के एक छोटे से गांव में स्थित है। इसके अलावा यह उत्तर प्रदेश के झांसी से करीब 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह किला पांच मंजिल का है लेकिन इसकी दो मंजिल जमीन के नीचे हैं। इसका निर्माण कब और कैसे हुए इस बात की पुख्ता जानकारी नहीं मिलती है।

अचनाक गायब हो गई थी बारात

गढ़कुंडार का किला प्राचीन समय में सुरक्षा की दृष्टि से बनवाया गया था जिसमें जाकर लोग अक्सर रास्ता भूल सकते हैं। इसका निर्माण बहुत ही अनोखे ढंग से किया गया है क्योंकि यह पांच किलोमीटर दूर  से दिखता है लेकिन नजदीक आते आते यह दिखना बंद हो जाता है। इस किले की गिनती भारत के सबसे रहस्यमयी किले में होती है। स्थानीय लोगों के अनुसार इस किले में एक बार पास के गांव से एक बारात आई थी। जब बारात इस किले पर घूमने आई तो वह घूमते-घूमते तलघर में चले गए और अचानक गायब हो गए। कहा जाता है कि आज तक उन 50 से 60 लोगों को पता नहीं चल पाया है। इसके बाद इस तरह की घटना के कारण नीचे के हिस्से को बंद कर दिया गया।

गढ़कुंडार का किला किसी भूल भुलैया से कम नहीं माना जाता है। इससे ज्यादा अंदर जाने से आप रास्ता भूल सकते हैं। किले में दिन के समय भी अंधेरा रहता है जिस वजह से लोग यहां जाने से डरते हैं। माना जाता है कि किले में एक खजाना छुपा है जिसे खोजने के लिए लोग गए और उनकी जान चली गई। पहले के समय में सोना चांदी का अभूषण निचले मंजिल में भी रखा जाता है जिसकी वजह से लोग इसके नीचे जाने लगे। जिसे बाद में बंद कर दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस किले से अजीबो गरीब आवाजें भी आती हैं।

Navbharat Live
navbharatlive.com