मानसून में आम है Conjunctivitis के संक्रमण का खतरा, जानें इसकेे लक्षण और बचाव के उपाय

Conjunctivitis
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सीमा कुमारी

नई दिल्ली: बरसात का मौसम अपने साथ कई बीमारियों को भी लेकर आता हैं। क्योंकि, इस मौसम में सबसे ज्यादा बैक्टीरिया पनपते हैं। जहां एक तरफ लोग बाढ़ और बारिश से परेशान हैं, वहीं, बरसात की वजह से बिगड़ते हालात के बीच अब एक नई समस्या सामने आ गई है। बीते कुछ दिनों में आई फ्लू यानी कंजंक्टिवाइटिस (Conjunctivitis) के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं। ऐसे में आइए जानें आई फ्लू (Eye Flu) के संक्रमण, इसके लक्षण और इससे बचाव के बारे में-

एक्सपर्ट्स के अनुसार, तेज गर्मी के बाद बरसात होने से मौसम में तेजी से बदलाव आता हैं। इस मौसम में हवा के साथ प्रदूषण और नमी के चलते फंगल इन्फेक्शन की समस्याएं पैदा होती हैं। इसमें सबसे ज्यादा आंखों से जुड़ी दिक्कतें परेशान करती हैं। इस मौसम में फंगल इन्फेक्शन बढ़ने से आंखों का ख्याल रखना बेहद जरूरी होता हैं।  विशेष तौर पर उन लोगों को जो आंखों में कॉन्टेक्ट लेंस पहनते हैं।

कंजंक्टिवाइटिस, जिसे 'पिंक आई' के रूप में भी जाना जाता है, कंजंक्टिवा (पतली और क्लियर लेयर, जो पलक के अंदर की परत और आंख के सफेद हिस्से को ढकता है) में होने वाली सूजन है। इसे Pink Eye इसलिए कहा जाता है, क्योंकि कंजक्टिवाइटिस (Conjunctivitis) के कारण अक्सर आंखों का सफेद भाग गुलाबी या लाल हो जाता है।''

इसके लक्षण

लालपन

सूजन

खुजली

जलन

रोशनी के प्रति संवेदनशीलता

सफेद चिपचिपा पदार्थ निकलना

सामान्य से अधिक आंसू आना, आदि।

ऐसे करें बचाव

हाथों की स्वच्छता बनाए रखें और अपने हाथ बार-बार धोएं, दूषित हाथों के कारण ही कंजंक्टिवाइटिस फैलता है।

आंखों के मेकअप और तौलिये जैसी निजी वस्तुओं को साझा करने से बचें।

आंखों के लिए इस्तेमाल होने ब्यूटी प्रोडक्ट को एक्सपायर होने की बाद इस्तेमाल न करें।

अपने तकिए के कवर को बार-बार बदलें।

अपने तौलिये को बार-बार धोएं और साफ कपड़े पहनें।

चूंकि कंजंक्टिवाइटिस संक्रामक है, इसलिए जिन लोगों को आई फ्लू है, उनके साथ करीब जाने से बचें।

आंखों पर बर्फ से सिकाई करें, ताकि जलन और दर्द से राहत मिल सके ।

आई फ्लू से संक्रमित व्यक्ति से हाथ मिलाने से बचें।

संक्रमित की चीजें- चश्मा, तौलिया या तकिया के इस्तेमाल से बचें।

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