आज से शुरू शुरु हो रहा है 'मार्गशीर्ष मास', जानिए इस महीने के मुख्य व्रत और त्योहार

यदि आपके कार्यों में कोई बाधा आ रही है तो आपको ओम दामोदराय नमः मंत्र का जाप करना चाहिए और अपने गुरु को प्रणाम करना चाहिए। इससे आपका काम बनेगा।
Margashirsha Month 2021
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-सीमा कुमारी

हिन्दू धर्म में 'मार्गशीर्ष' महीना का बड़ा महत्व है। 'मार्गशीर्ष' हिंदू वर्ष का नौंवा महीना होता है। हर महीने पूर्णिमा के बाद अगले दिन प्रतिपदा से नए महीने का आरंभ हो जाता है। इस साल कार्तिक पूर्णिमा के अगले दिन यानी 20 नबंवर, यानी शनिवार से मार्गशीर्ष महीना आरंभ होगा, जिसका समापन 19 दिसंबर 2021 को होगा। 'मार्गशीर्ष' महीना को 'अगहन' भी कहा जाता है। यह भगवान श्रीकृष्ण का महीना होता है क्योंकि उन्होंने स्वयं मार्गशीर्ष  महीना को अपना स्वरूप है।

मार्गशीर्ष माह में पवित्र तालाब या नदी में स्नान करना शुभ माना जाता है। इससे पुण्य की प्राप्ति होती है। इस माह में भगवान कृष्ण की उपासना करने का विशेष महत्व माना गया है। मार्गशीर्ष माह में भी कई मुख्य व्रत-त्योहार पड़ेंगे। आइए जानें 'मार्गशीर्ष मास' में पड़ने वाले मुख्य व्रत व त्योहारों की तारीखें :

'मार्गशीर्ष मास', 2021 के प्रमुख व्रत और त्योहार

21 नवंबर दिन शनिवार- रोहिणी व्रत

23 नवंबर दिन मंगलवार- गणाधिप संकष्टी गणेश चतुर्थी

27 नवंबर दिन शनिवार- मासिक कालाष्टमी, कालभैरव जयंती

30 नवंबर दिन मंगलवार- उत्पन्ना एकादशी,

02 दिसंबर दिन गुरुवार- प्रदोष व्रत, मासिक शिवरात्रि,

04 दिसंबर दिन शनिवार- अमावस्या तिथि, सूर्य ग्रहण

05 दिसंबर दिन रविवार- मार्गशीर्ष शुक्ल प्रतिपदा, हेमंत ऋतु, चंद्र दर्शन

07 दिसंबर दिन मंगलवार- मार्गशीर्ष शुक्ल चतुर्थी, विनायक चतुर्थी

08 दिसंबर दिन बुधवार- विवाह पंचमी

09 दिसंबर दिन गुरुवार- स्कंद षष्टी

11 दिसंबर दिन शनिवार- मासिक दुर्गाष्टमी व्रत

14 दिसंबर दिन मंगलवार- मोक्षदा एकादशी, गीता जयंती

15 दिसंबर दिन बुधवार- मतस्य द्वादशी

16 दिसंबर दिन गुरुवार- अनंग त्रयोदशी व्रत, प्रदोष व्रत , धनु संक्रांति

18 दिसंबर दिन शनिवार- सत्य व्रत, रोहिणी व्रत,  पूर्णिमा व्रत, दत्तात्रेय जयंती

19 दिसंबर दिन रविवार- अन्नपूर्णा जयंती, मार्गशीर्ष पूर्णिमा, त्रिपुर भैरवी जयंती

मार्गशीर्ष महीने में करें ये काम

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, इस महीने भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए और ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करना चाहिए।

यदि आपके कार्यों में कोई बाधा आ रही है तो आपको ओम दामोदराय नमः मंत्र का जाप करना चाहिए और अपने गुरु को प्रणाम करना चाहिए। इससे आपका काम बनेगा।

ज्योतिष शास्त्र की मानें तो, अपने मनोकामनाओं की पूर्ति के इस माह में प्रत्येक दिन विष्णु सहस्रनाम, भगवत गीता और गजेन्द्रमोक्ष का पाठ करें। कहते है ऐसा करने से सभी पाप मिट जाते हैं।

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