JPSC-JSSC धांधली पर आर-पार की जंग! आमरण अनशन पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो, पंजाब से भी मिल रहा सपोर्ट

JPSC-JSSC Protest: रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो आमरण अनशन पर बैठ गए हैं।
jharkhand jpsc-jssc protest
अनशन पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो, प्रदर्शन (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

JPSC-JSSC Devendra Nath Mahto Hunger Strike: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, धांधली और भ्रष्टाचार के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन तेज हो रहा है। राजधानी रांची का ऐतिहासिक जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम इस आंदोलन का केंद्र बन गया है। ठीक दिल्ली के जंतर-मंतर की तरह जहां राज्य के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों छात्र अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे हैं।

इस चल रहे आंदोलन में, छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। राज्य सरकार और प्रशासन को स्पष्ट संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि अगर सरकार को युवाओं और छात्रों के भविष्य की थोड़ी भी चिंता है, तो उसे तुरंत दखल देना चाहिए और उनकी सभी जायज मांगों को पूरा करना चाहिए।JPSC, JSSC CGL और अन्य कई प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक को लेकर छात्र अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं।

मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा विरोध

फिलहाल आमरण अनशन पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि राज्य के युवा लंबे समय से परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक की समस्या से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड के युवा पुलिस की लाठियां और उत्पीड़न झेलने के बावजूद अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं।

उन्होंने जोर देकर कहा, "अगर सरकार में राजनीतिक इच्छाशक्ति है और वह छात्रों के भविष्य की परवाह करती है, तो हमारी मांगों को बिना किसी देरी के स्वीकार किया जाना चाहिए। यह आंदोलन तब तक खत्म नहीं होगा जब तक JPSC और JSSC के कामकाज में सुधार नहीं होता और भ्रष्टाचार खत्म नहीं हो जाता।"

14 दिन से जारी प्रदर्शन

झारखंड के रांची में 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार नौवें दिन भी जारी है। विरोध कर रहे एक छात्र का कहना है, "झारखंड के सभी यूट्यूब शिक्षकों ने पैसे देकर मदद की है। झारखंड के बड़े कोचिंग संस्थानों के साथ-साथ रांची और अन्य जगहों के कई लोगों ने भी समर्थन दिया है। यहां तक ​​कि पंजाब से भी जोमैटो के जरिए खाना मंगवाया गया है।"

यूट्यूब कोचिंग संस्थानों से भी मिली मदद

राज्य के प्रमुख कोचिंग संस्थानों ने भी इस विरोध प्रदर्शन को अपना खुला समर्थन दिया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग केवल छात्रों की नहीं, बल्कि पूरे शैक्षणिक जगत की है। स्थानीय और बाहरी सहयोग छात्रों के इस संघर्ष में रांची के स्थानीय निवासी और विभिन्न क्षेत्रों के लोग भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।

आंदोलनकारियों के लिए भोजन, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सामुदायिक सहयोग और एकत्रित किए गए फंड के माध्यम से की जा रही है। इसकी गूंज झारखंड की सीमाओं से बाहर तक पहुंच गई है। छात्रों ने बताया कि उनके समर्थन में खड़े लोगों उनका खुलकर सपोर्ट कर रहे है। पंजाब से उनके लिए भोजन की व्यवस्था तक की जा रही है। जब तक सरकार छात्रों की बातों को नहीं मानती तब तक आंदोलन चलते रहने का ऐलान किया है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com