

Ram Navami Clash Jharkhand: झारखंड के गढ़वा जिले के रमकंडा प्रखंड मुख्यालय में रामनवमी के अवसर पर निकाले गए जुलूस के दौरान एक बार फिर तनाव की स्थिति बन गई। बुधवार से शुरू हुआ विवाद गुरुवार शाम अचानक फिर बढ़ गया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के मुताबिक, रामनवमी की अष्टमी पर निकाला गया जुलूस जब कौआखोह स्थित शिव चबूतरा के पास पहुंचा, तभी दो पक्ष आमने-सामने आ गए। विरोध के कारण जुलूस रुक गया और माहौल धीरे-धीरे तनावपूर्ण हो गया। कुछ ही देर में बहस बढ़ी और पथराव शुरू हो गया।
इस घटना में कई लोगों को चोटें आई हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक हुए पथराव से मौके पर भगदड़ मच गई। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश देखा गया।
स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को सख्ती बरतनी पड़ी। भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस के तीन गोले छोड़े गए, जिसके बाद जुलूस को वापस लौटना पड़ा। इसके बाद कुछ समय के लिए स्थिति शांत हुई, लेकिन तनाव बना रहा। रमकंडा के इंस्पेक्टर अभिजीत गौतम मिश्रा मौके पर पहुंचे और माइक के जरिए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। पुलिस और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
इससे एक दिन पहले बुधवार शाम भी इसी स्थान पर महावीर पताका लगाने को लेकर विवाद हुआ था। इसके विरोध में गुरुवार सुबह करीब छह घंटे तक सड़क जाम रही थी। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी को हटा दिया था, जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई थी। शाम को दोबारा राम नवमी जुलूस निकलने पर माहौल फिर बिगड़ गया। फिलहाल पूरे क्षेत्र को संवेदनशील घोषित कर दिया गया है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
घटना के दौरान कवरेज कर रहे पत्रकारों के साथ झारखंड पुलिस के कथित दुर्व्यवहार की बात भी सामने आई है। आरोप है कि एक पत्रकार पर लाठी चलाई गई, जबकि उन्होंने अपनी पहचान बताई थी। इसको लेकर मीडिया में नाराजगी देखी जा रही है।
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रोहित रंजन सिंह ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है और किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय जानकारी के आधार पर जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल रमकंडा और आसपास के इलाकों में पुलिस गश्त जारी है। प्रशासन हालात को पूरी तरह नियंत्रण में रखने की कोशिश कर रहा है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।