जम्मू कश्मीर में पंचायत चुनाव कराने की तैयारी शुरू, किस साल राज्य में डाले जा सकते हैं वोट?

जनवरी में ओबीसी आयोग की आरक्षण सिफारिशों के साथ अंतिम पंचायत मतदाता सूची जारी हो सकती है। जिसके साथ ही पंचायत चुनाव की घोषणा की जा सकती है। इस साल 9 जनवरी में जम्मू कश्मीर में पंचायत सदस्यों का कार्यकाल संपन्न हो गया था।
जम्मू कश्मीर में पंचायत चुनाव कराने की तैयारी शुरू, इस साल राज्य में डाले जा सकते हैं वोट
पंचायत चुनाव (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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जम्मू कश्मीर: लोकसभा और विधानसभा चुनाव सफलता और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होने के बाद अब जम्मू कश्मीर में सरकार पंचायत चुनाव करवा सकती है। जनवरी में ओबीसी आयोग की आरक्षण सिफारिशों के साथ अंतिम पंचायत मतदाता सूची जारी हो सकती है। जिसके साथ ही पंचायत चुनाव की घोषणा की जा सकती है। माना जा रहा है कि राज्य में अगले साल तक पंचायत चुनाव करवाए जा सकते हैं। इसके लिए प्रदेश चुनाव आयोग ने सभी जिलों के उपायुक्तों को पंचायत मतदाता सूची का वार्षिक पुनरीक्षण करने का निर्देश जारी किया है।

इस साल 9 जनवरी में जम्मू कश्मीर में पंचायत सदस्यों का कार्यकाल संपन्न हो गया था। जिसके बाद अगले चुनावों की प्रतीक्षा की जा रही है। पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव आखिरी बार नवंबर और दिसंबर 2018 में हुए थे। बता दें कि यह पुनरीक्षण जम्मू कश्मीर पंचायती राज अधिनियम 1989 की धारा 38 के तहत किया जा रहा है। जिसमें छह विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। जम्मू कश्मीर में 4291 पंचायतें है। इसके तहत करीब 33 हजार से ज्यादा सरपंच मतदान की प्रक्रिया के जरिए चुने जाएंगे।

जानकारी के अनुसार ओबीसी आरक्षण की रिपोर्ट आने के बाद ही पंचायत चुनाव करवाए जाने हैं। यह पहली बार होगा जब ओबीसी आरक्षण पंचायत चुनाव में शामिल किया जा रहा है। आयोग का कार्यकाल दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है। राज्य में पंचायत चुनाव से पंचायत स्तर पर विकास सुनिश्चित हो सकेगा। इससे पंचायत से जुड़ी परियोजनाओं में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी बढ़ेगी और संबंधित क्षेत्रों में विकास को गति मिलेगी।

राज्य में आयोजित होंगे कैंप

जम्मू कश्मीर में सभी मतदान केंद्रों पर कैंप होंगे जिसके तहत पहला कैंप 16 नवंबर को लगाया जाएगा। इसके अलावा 17, 23, 24, 30 नवंबर और 1 दिसंबर को भी कैंप का आयोजन किया जाएगा। जिसके लिए जिला उपायुक्तों को बीडीओ की तैनाती करने के लिए कहा गया ताकि यह प्रक्रिया आसानी से संपन्न कराई जा सके। संबंधित बीडीओ दावों और आपत्तियों को लेंगे और इसकी जानकारी जिला उपायुक्तों को सौंपी जाएगी। इसके बाद दूसरे दिन लगने वाले कैंप में ये आपत्तियां सौंपी जाएगी। जिसके बाद इन आपत्तियों का निपटारा होगा और अंत में 6 जनवरी 2025 को पंचायत की अंतिम मतदाता सूचियों का प्रकाशन होगा। इसके बाद राज्य में पंचायत चुनावों की घोषणा की जा सकती है।

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