

Amarnath Yatra Latest Updates: जम्मू-कश्मीर के जम्मू डिवीजन में हाल ही में हुई बारिश के कारण यात्रा के रास्तों के कुछ संवेदनशील हिस्सों की मरम्मत और रखरखाव के लिए, 9 अगस्त से पहलगाम और बालटाल दोनों ही रास्तों पर अमरनाथ यात्रा रोक दी जाएगी। किसी भी यात्री को यहां से घाटी की ओर जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
3 जुलाई को शुरू हुई 57 दिनों की इस यात्रा में अब तक 4.8 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पवित्र गुफा के दर्शन कर चुके हैं। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह यात्रा 28 अगस्त को पहलगाम रास्ते से पारंपरिक 'छड़ी मुबारक' समारोह के साथ संपन्न होगी।
अधिकारियों ने कहा कि मौसम की स्थितियों पर नजर रखी जा रही है। मौसम के हिसाब से हालात का जायजा लिया जाएगा और इस दौरान जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे की स्थिति पर कड़ी नजर रखी जाएगी, क्योंकि तीर्थयात्री यात्रा के बेस कैंप तक पहुंचने के लिए इसी सड़क का इस्तेमाल करते हैं।
आपको बताते चलें, कि यह यात्रा 3 जुलाई से शुरू हुई थी और यह 57 दिनों के बाद 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के त्योहारों के साथ संपन्न होगी। फिलहाल दक्षिण कश्मीर के नुनवान (पहलगाम) बेस कैंप रूट से यात्रा करने की इजाजत किसी भी यात्री को नहीं है, क्योंकि वहां ट्रैक की मरम्मत का काम चल रहा है।
राजौरी में स्वतंत्रता दिवस और अमरनाथ यात्रा से पहले जम्मू-राजौरी-पुंछ हाईवे पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस, CRPF, CISF और सेना के जवान कड़ी जांच कर रहे हैं और चौबीसों घंटे निगरानी रख रहे हैं।
यात्री उत्तर कश्मीर के गांदरबल जिले में बालटाल बेस कैंप से यात्रा कर रहे हैं। इससे पहले, अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाने के सात साल बाद सुरक्षा कारणों से एक दिन के लिए रोकी गई अमरनाथ यात्रा गुरुवार को फिर से शुरू हुई थी।
अमरनाथ यात्रा के लिए 1,801 तीर्थयात्रियों का एक नया समूह (जिसे अधिकारियों ने 28वां जत्था बताया) कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह 2.45 बजे जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से कश्मीर में बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना हुआ।
इस जत्थे में 1,347 पुरुष, 351 महिलाएं, 89 साधु और 14 साध्वियां शामिल थीं, जो 74 गाड़ियों में यात्रा कर रहे थे। इस साल 3 जुलाई को यात्रा शुरू होने के बाद से 4.71 लाख से ज्यादा यात्रियों ने पवित्र गुफा मंदिर में दर्शन किए हैं।