

नई दिल्ली: महाराष्ट्र में भाषा को लेकर विवाद चल रहा है। इस बीच कमांडो फोर्स के एक पूर्व सैनिक ने राज ठाकरे से सवाल किया है। उन्होंने पूछा है कि मुंबई पर हुए आतंकी हमले के वक्त आपके योद्धा कहां थे? इस सैनिक का नाम प्रवीण कुमार तेवतिया है।
प्रवीण ने 26/11 को मुंबई हमले के दौरान कई लोगों की जान बचाई थी। उन्होंने ताज होटल में 150 लोगों को बचाने में अहम भूमिका निभाई थी। अब इस सैनिक ने राज ठाकरे से कहा है कि मैं यूपी से हूं। मैंने महाराष्ट्र के लिए अपना खून बहाया है। भाषा के नाम पर देश को मत बांटो।
प्रवीण कुमार तेवतिया मरीन कमांडो फोर्स (मार्कोस) में रहे हैं। तेवतिया ने अपनी एक फोटो भी पोस्ट की है। इसमें वह वर्दी पहने हुए हैं और मुस्कुरा रहे हैं। उनकी बुलेटप्रूफ जैकेट पर यूपी लिखा हुआ है और गले में बंदूक लटकी हुई है।
तेवतिया ने अपनी पोस्ट में लिखा है, 'मैंने 26/11 हमले में मुंबई को बचाया था। मैं यूपी से हूं और मैंने महाराष्ट्र के लिए खून बहाया।' उन्होंने आगे लिखा कि मैंने ताज होटल को बचाया। उस वक्त राज ठाकरे के ये तथाकथित योद्धा कहां थे? देश को मत बांटो। मुस्कुराहट की कोई भाषा नहीं होती।
मुंबई पर हुए आतंकी हमले के दौरान प्रवीण कुमार ने अपनी टीम का नेतृत्व किया था। इस दौरान उनकी टीम ताज होटल में फंसे लोगों को निकालने के ऑपरेशन में लगी हुई थी। इस ऑपरेशन के दौरान प्रवीण को कई चोटें आईं। साथ ही उन्हें चार बार गोली भी लगी। लेकिन उनकी त्वरित कार्रवाई की वजह से कम से कम 150 लोगों की जान बच गई।
गौरतलब है कि शनिवार को शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे ने संयुक्त रैली की। इस दौरान दोनों ने मराठी भाषा को लेकर एकता दिखाई। दोनों ने एक सुर में मराठी बोलने की अनिवार्यता की बात कही। इस दौरान उन्होंने कहा कि अगर हम मराठी के लिए गुंडे हैं, तो ऐसा ही हो।