

West Bengal Post Poll Violence: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में कई जगह हिंसा देखने को मिली। इस दौरान मुर्शिदाबाद में भी कई इलाकों में हिंसा की घटना सामने आई। इलाके में हालात नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की अपील की गई है। इस बीच आम जनता उन्नयन पार्टी प्रमुख हुमायूं कबीर ने हाई कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने बुधवार को पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा को रोकने के लिए हाई कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कोर्ट में याचिका दायर की।
कबीर ने आरोप लगाया कि 4 मई को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद मुर्शिदाबाद जिले में बड़े पैमाने पर राजनीतिक रूप से प्रेरित और सुनियोजित हिंसा हुई है।
अदालत में दायर याचिका में हुमायूं कबीर ने कहा कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं के घरों में तोड़फोड़ की गई और उनके कार्यकर्ताओं को पीटा गया। उन्होंने मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल और न्यायमूर्ति पार्थ सारथी सेन की खंडपीठ में मामला दायर कर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। याचिका में कबीर ने अदालत से निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने, पार्टी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा और क्षेत्र में शांति एवं व्यवस्था बनाए रखने की मांग की गई है।
कबीर के वकील ने कोर्ट में बताया कि पहले चरण के चुनाव में कबीर पर भी असामाजिक तत्वों ने हमला किया था और उनकी कार में तोड़फोड़ की गई थी। साथ ही उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को भी परेशान किया गया, लेकिन पुलिस ने इन मामलों में कोई शिकायत दर्ज नहीं की। प्रशासनिक विफलता के कारण उन्होंने अदालत से तत्काल शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कदम उठाने की मांग की है और निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध किया है।
बता दें कि हुमायूं कबीर ने चुनाव से पहले TMC में थे। यहां से निलंबित होकर उन्होंने खुद की पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी बनाई और विधानसभा चुनावों में अकेले मैदान में उतरे। वे मुर्शिदाबाद जिले के नवादा और रेजीनगर दो सीट से जीत हासिल किए।
इस चुनाव में 15 सालों से राज्य में सत्ता पर काबिज तृणमूल कांग्रेस के शासन का अंत करते हुए भाजपा ने पश्चिम बंगाल में शानदार जीत दर्ज की। विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 207 सीटें मिलीं, जबकि ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस को केवल 80 सीटें ही प्राप्त हुईं। परिणाम घोषित होने के बाद राज्य में दक्षिण 24 परगना सहित कई इलाकों में हिंसा की घटनाएं देखने को मिलीं।
तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर हमले और पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ के आरोप लगे हैं। मामले पर पुलिस ने कहा है कि ऐसी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।