रोपवे के जरिए वैष्णो देवी यात्रा! 12 किमी का सफर छह मिनट में होगा तय

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दिल्ली: प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के नेतृत्व वाली सरकार ने जम्मू और कश्मीर (J&K) के कटरा (Katra) में ताराकोट और सांझीछत के बीच एक यात्री रोपवे प्रोजेक्ट (Ropeway Project) का निर्माण शुरू किया है। इस कदम का उद्देश्य वैष्णो देवी (Vaishno Devi ) यात्रा को तीर्थयात्रियों के लिए एक आरामदायक और संतोषजनक अनुभव बनाना है। यह प्रोजेक्ट वृद्ध और विकलांग लोगो के लिए बहुत फायदेमंद होगी।

रोपवे पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण 

श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (SMVDSB) की ओर से रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस (RITES) ने प्रोजेक्ट के लिए बोलियां आमंत्रित कीं। यह प्रोजेक्ट 250 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही है। कॉन्ट्रैक्ट (Contract) दिए जाने के बाद प्रोजेक्ट के 36 महीने में पूरा होने की संभावना है। वर्तमान में तीर्थयात्री 12 किमी लंबी यात्रा को पैदल ट्रेक पर तय करते हैं, जबकि रोपवे 6 मिनट में इतनी ही यात्रा को कवर करेगा। रोपवे पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण साबित होगा क्योंकि इस क्षेत्र का मनोरम दृश्य देख सकेंगे।

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पर्यटकों की संख्या में होगा इजाफा 

रोपवे प्रोजेक्ट के पूरा होने से पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा। कचरा कम होने से ट्रेक पर प्रदूषण (Pollution) भी कम होगा। रोपवे सेवा शुरू होने के बाद लोग भवन में कम समय बिताएंगे, जिससे किसी भी दुर्भाग्यपूर्ण घटना की संभावना कम हो जाएगी। वर्तमान में हेलीकॉप्टर सेवा (Helicopter Service) के माध्यम से वीआईपी (VIP) की आवाजाही को नियंत्रित किया जा रहा है। निचला टर्मिनल प्वाइंट या एलटीपी रोपवे का स्टार्टिंग पॉइंट है। यह ताराकोट में दर्शन ड्योडी से लगभग 300 मीटर की दूरी पर स्थित है और अपर टर्मिनल पॉइंट या UTP सांझीछत के पास है। यह स्थान तीर्थयात्रियों को चिकित्सा सहायता, पानी, विश्राम स्थल, शौचालय आदि जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रदान करता है।

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