US Iran Deal से भारत में पेट्रोल-डीजल और LPG के घटेंगे दाम, दवाइयों से लेकर साबुन तक बहुत कुछ होगा सस्ता

US Iran Deal: अमेरिका और ईरान के बीच 19 जून के ऐतिहासिक शांति समझौते से भारत को बहुत बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी। इससे देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी गैस और रोजमर्रा के सभी सामान बहुत सस्ते हो जाएंगे।
US Iran Deal: Historic Agreement Brings Huge Economic Benefits And Cheaper Fuel To India
अमेरिका ईरान समझौते का भारत के बाजार पर असर (सोर्स- AI डिज़ाइन)
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US Iran Deal Huge Economic Benefits To India: अमेरिका और ईरान के बीच 107 दिनों तक चले लंबे संघर्ष के बाद अब एक बहुत बड़ी राहत मिलने वाली है। दोनों देश शुक्रवार को स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टाक रिजॉर्ट में ऐतिहासिक शांति वार्ता के लिए आमने-सामने होने जा रहे हैं। इस शांति समझौते के क्रियान्वयन और आगे की पूरी प्रक्रिया पर दोनों देशों के बीच बहुत महत्वपूर्ण चर्चा होगी। अमेरिका और ईरान के बीच 19 जून को होने वाला यह अहम समझौता भारत के लिए बड़ी आर्थिक राहत लाएगा।

भारत अपनी जरूरत का करीब 85% कच्चा तेल बाहर से आयात करता है जो इस डील के बाद आसान हो जाएगा। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल और गैस की रुकी हुई आपूर्ति सामान्य होते ही देश में काफी सकारात्मक चीजें बदलेंगी। इसके प्रभाव से जल्द ही देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस यानी एलपीजी के दाम में भारी गिरावट देखने को मिलेगी। साथ ही इसका सीधा और अच्छा असर देश की ट्रांसपोर्टेशन और पूरी मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट पर भी प्रमुखता से दिखेगा।

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी

इस साल 28 फरवरी को शुरू हुए जंग के दौरान ईरान ने होर्मुज मार्ग में भारी पाबंदी लगा दी थी। इसके कारण तेल आपूर्ति बाधित हो गई जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ गई थीं। ऐसे में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अगर पूरी तरह से खुल जाता है तो निर्वाध कच्चे तेल का भारी आयात होगा। बाजार में तेल की उपलब्धता बढ़ने से पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतों में आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी।

एलपीजी सिलेंडर और सस्ते घरेलू सामान

भारत एलपीजी गैस के लिए भी आयात पर निर्भर है और लगभग 88% एलपीजी आयात इसी खास रास्ते से होता है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलने से भारत में पर्याप्त मात्रा में एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध हो सकेगा जिससे सबको राहत मिलेगी। इससे सरकार को गैस कीमतों को स्थिर रखने और अपनी भारी सब्सिडी का बोझ कम करने में बहुत बड़ी मदद मिलेगी। कच्चे तेल के दाम गिरने से नहाने का साबुन, डिटर्जेंट, प्लास्टिक पैकेजिंग और रोजमर्रा के कई घरेलू सामान सस्ते हो जाएंगे।

फल, सब्जी और खेती का सामान सस्ता

डीजल का उपयोग सिर्फ वाहनों तक ही सीमित नहीं है बल्कि खेती और कोल्ड स्टोरेज में भी इसका भारी इस्तेमाल होता है। फल-सब्जी और दूसरे खाने पीने के सामान राज्यों में पहुंचाने में ट्रांसपोर्ट की भारी लागत एक अहम भूमिका निभाती है। डीजल सस्ता होने से माल ढुलाई का खर्च घटेगा और खाने-पीने की सभी आवश्यक चीजों के दाम काफी कम हो जाएंगे। इसके अलावा खाड़ी देशों से आने वाले खाद और फसलों को कीड़ों से बचाने वाले कई कीटनाशक भी सस्ते होंगे।

दवाइयां, कपड़े और अन्य जरूरी चीजें

सिंथेटिक धागे और पेट्रोकेमिकल्स सस्ते होने से रेडीमेड कपड़े, जूते-चप्पल, पर्दे और कालीन की कीमतों में भी भारी गिरावट आएगी। इसके अलावा कोल्ड क्रीम, बॉडी लोशन, लिपस्टिक और काजल जैसे कई ब्यूटी प्रोडक्ट्स के दाम भी काफी हद तक गिरेंगे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि दवाईयां, सिरिंज, ग्लूकोज की बोतलें, दस्ताने और मास्क जैसे आवश्यक मेडिकल प्रोडक्ट्स सस्ते हो जाएंगे। टायर बनाने में इस्तेमाल होने वाला सिंथेटिक रबर सस्ता होने से सभी ऑटो पार्ट्स और टायर की लागत भी घट जाएगी।

प्लेन टिकट और ईएमआई में बड़ी राहत

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी एटीएफ भी काफी सस्ता हो जाएगा जिससे सबको फायदा होगा। इससे एयरलाइंस कंपनियां हवाई सफर के किराए में अच्छी छूट दे सकती हैं या यात्रियों को सस्ते टिकट ऑफर कर सकती हैं। पेट्रोल-डीजल सस्ता होने से महंगाई दर में गिरावट आएगी जिससे आरबीआई ब्याज दरों को जरूरत पड़ने पर कम कर सकता है। ऐसा होने पर आम लोगों को उनके होम लोन, कार लोन और बिजनेस लोन की ईएमआई चुकाने में भारी राहत मिलेगी।

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