40 किलो बारूद और दहलाने की बड़ी साजिश! लाल किला ब्लास्ट पर अमित शाह का बड़ा खुलासा

Delhi Blast: दिल्ली ब्लास्ट की जांच कर रही एनआईए ने इस मामले में नौ लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें तीन डॉक्टर मुजम्मिल, अदील राथर और शाहीन सईद के अलावा एक मौलवी इरफान भी शामिल हैं।
Amit Shah
अमित शाह, (केंद्रीय गृह मंत्री)
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Amit Shah On Delhi Blast: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पिछले महीने दिल्ली में लाल किला के सामने हुए कार धमाके को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि इस धमाके में 40 किलो विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था, जबकि तीन टन विस्फोटक पहले ही बरामद कर लिया गया था। गृह मंत्री ने कहा कि इस साजिश में शामिल पूरी टीम को ब्लास्ट से पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था। इस पूरे नेटवर्क की जांच हमारी सभी एजेंसियों की ओर से बहुत प्रभावी ढंग से की गई।

दिल्ली ब्लास्ट की जांच कर रही एनआईए ने इस मामले में नौ लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें तीन डॉक्टर मुजम्मिल, अदील राथर और शाहीन सईद के अलावा एक मौलवी इरफान भी शामिल हैं। यह मामला जम्मू-कश्मीर पुलिस की ओर से पर्दाफाश किए गए व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल से जुड़ा हुआ है।

दिल्ली धमाके में 15 लोगों की गई थी जान

एनआईए के मुताबिक, बीते 10 नवंबर को मुजम्मिल का दोस्त उमर विस्फोटक से भरी हुई कार चला रहा था और वो ही इस आतंकी हमले का मुख्य साजिशकर्ता था। इस धमाके में 15 लोगों की मौत हो गई थी। यह धमाका हुंडई कार i-20 में हुआ था, जिसे उमर ड्राइव कर रहा था। नई दिल्ली में एंटी-टेररिज्म कॉन्फ्रेंस-2025 का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यह खुलासा किया है।

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुआ आतंकवादी हमला पूरे देश को झकझोर देने वाला था। उस हमले के जरिए आतंकवादियों का मकसद देश में सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ना और कश्मीर में शुरू हुए विकास और पर्यटन के नए दौर पर प्रहार करना था।

ऑपरेशन सिंदूर पर अमित शाह ने क्या कहा?

अमित शाह ने अपने बयान में यह भी बताया कि बेहद सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर हमारी सुरक्षा बलों ने तीनों आतंकवादियों को ढेर कर दिया और पाकिस्तान को कड़ा संदेश भी दिया। शाह ने कहा कि यह पहला आतंकवादी मामला है, जिसमें आतंकवादी गतिविधि की साजिश रचने वालों को ऑपरेशन सिंदूर के जरिए कड़ी सजा दी गई, जबकि हथियारों के साथ इस आतंकवादी हमले को अंजाम देने वालों को ऑपरेशन महादेव के तहत मार गिराया गया।

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