

TMC MP Kakoli Ghosh Resigned: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली करारी शिकस्त के बाद ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही। आज बुधवार, 27 मई को पूर्व सीएम की करीबी मानी जाने वाली टीएमसी सांसद काकोली घोष ने इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है। काकोली ने पार्टी के सभी पदों से अपना इस्तीफा दे दिया है। काकोली पिछले कई दशकों से टीएमसी से जुड़ी हुई हैं और पार्टी की वरिष्ठ नेता हैं।
वह लगभग 9-10 महीने तक लोकसभा में पार्टी की चीफ व्हिप थीं। इसके बाद, पिछले दिनों उन्हें हटाकर उनकी जगह कल्याण बनर्जी को ममता बनर्जी ने चीफ व्हिप की जिम्मेदारी दे दी थी। इससे घोष काफी नाराज भी हुईं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था कि 1976 से जुड़ाव, 1984 में सफर शुरू हुआ। आज मुझे चार दशकों की वफादारी का इनाम मिला है।
इसके बाद से ही माना जा रहा था कि वह जल्द टीएमसी से इस्तीफा दे सकती हैं। केंद्र सरकार ने भी उनकी सिक्योरिटी को बढ़ाकर वाई कैटेगरी कर दिया था, जबकि बंगाल हार के बाद अभिषेक बनर्जी समेत तमाम नेताओं की सुरक्षा में कटौती की गई। काकोली घोष छह अन्य विधायकों के साथ मंगलवार को कल्याणी में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की प्रशासनिक समीक्षा बैठक में शामिल हुई थीं।
पश्चिम बंगाल के बारासात की सांसद के अलावा, बैठक में शामिल होने वालों में टीएमसी विधायक देगंगा से अनीसुर रहमान बिस्वास, स्वरूपनगर से बीना मंडल, हारोआ से मोहम्मद अब्दुल मतीन और बसीरहाट क्षेत्र के तीन अन्य विधायक शामिल थे। वहीं, दो दिन पहले ही, काकोली ने टीएमसी के बारासात संगठनात्मक जिला अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। अपने पत्र में उन्होंने आईपैक पर भी सवाल उठाए थे।
विधानसभा चुनाव में करारी हार झेलने के बाद टीएमसी में उथल-पुथल मच गई है। कई सांसद और विधायक नाराज बताए जा रहे हैं। भाजपा सांसद सौमित्र खान ने बुधवार को बड़ा दावा किया और कहा कि करीब 50 विधायक और 20 सांसद टीएमसी के ऐसे हैं, जोकि पार्टी से नाखुश हैं और अगर भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व हरी झंडी देता है तो वे पार्टी बदल देंगे।
उन्होंने कहा कि अगर भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व एक बार भी हां करता है तो टीएमसी पार्टी नहीं बचेगी। सभी लोग आना चाहते हैं। करीब 50 विधायक और 20 सांसद नाराज हैं और भाजपा में शामिल होना चाहते हैं।