

Shatrughan Sinha Statement On TMC Political Crisis: जहां एक तरफ तृणमूल कांग्रेस के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने प्रधानमंत्री के तौर पर 12 साल पूरे होने पर मोदी को बधाई दी। पीएम को अपना दोस्त, अपना साथी और मार्गदर्शक बताया वहीं दूसरी और उनका एक और बयान सामने आया है जिसमें वह ममता बनर्जी के हमदर्द बनते दिख रहे है। और सिन्हा के बागी गुट में शामिल होने की खबरों को उन्होंने सिरे से नकार दिया।
भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर टीएमसी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर पीएम मोदी की जमकर तारीफ की और उन्हें शुभकामनाएं देते हुए अपना मित्र, देश और समाज के मार्गदर्शक बताया और पीएम मोदी के लिए लंबे, स्वस्थ और समृद्ध जीवन की कामना भी की।
एक तरफ पीएम मोदी के लिए खास संदेश के लिए सिन्हा चर्चा का विषय बने तो दूसरी तरफ टीएमसी के बागी सांसदो में उनका नाम जोड़ा गया। अब वायरल हो रही खबरों के बीच टीएमसी सांसद ने चुप्पी तोड़ी है और ममता बनर्जी के प्रति अपनी निष्ठा को भी बरकरार रखते हुए उन खबरों को सिरे से नकार दिया जिसमें उनके ममता दीदी के खिलाफ जाने की बातें कही गई थी।
उन्होंने कहा कि मैं दीदी का साथ कभी नहीं छोड़ूंगा। शत्रुघ्न सिन्हा ने सांसद काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व वाले बागी गुट में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मेरे बारे में बहुत कुछ कहा गया है। कुछ लोग कह रहे हैं कि मैं बागी गुट का हिस्सा हूं। यह सच नहीं है। शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि मुश्किल समय में ममता बनर्जी मेरे साथ खड़ी रहीं। मैं भी कठिन समय में उनके साथ खड़ा रहूंगा। टीएमसी चीफ ममता बनर्जी के कहने पर आसनसोल से लोकसभा चुनाव लड़ा था।
बता दें कि शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत भाजपा से ही की थी। बीजेपी के एक प्रमुख नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री के रूप में दशकों तक सेवा करने के बाद सिन्हा ने पार्टी को अलविदा कह दिया था। 2019 में शत्रुघ्न सिन्हा कांग्रेस में शामिल हुए फिर लोकसभा चुनाव में पटना साहिब से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। जिसके बाद 2022 में उन्होंने ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस में शामिल होकर आसनसोल लोकसभा उपचुनाव में जीत हासिल की। 2024 में भी वे टीएमसी उम्मीदवार के रूप में आसनसोल सीट से लड़े और भाजपा प्रत्याशी को 3 लाख से ज्यादा मतों से हराया।