देश सेमीकंडक्टर विनिर्माण में अलग पहचान बनाने की राह पर अग्रसरः राजीव चंद्रशेखर

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नई दिल्ली: सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने शुक्रवार को कहा कि भारत वैश्विक आपूर्ति एवं मूल्य शृंखला में अपना स्थान मजबूती से बना रहा है और सेमीकंडक्टर विनिर्माण में भी यह अपनी अलग पहचान बनाने की राह पर है। चंद्रशेखर ने कहा कि सिर्फ डेढ़ साल पहले तक सेमीकंडक्टर डिजाइन के स्टार्टअप लगभग नदारद थे लेकिन वर्ष 2024 तक इनकी संख्या 100 के करीब पहुंचने जा रही है। इस समय 27-30 डिजाइन एवं सेमीकंडक्टर स्टार्टअप बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। 

उन्होंने एप्पल, सिस्को और सैमसंग जैसी वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों की तरफ से भारत में विनिर्माण की प्रतिबद्धता जताए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि प्रौद्योगिकी के भविष्य और वैश्विक आपूर्ति एवं मूल्य शृंखला और नवोन्मेषी परिवेश में भारत की भूमिका मजबूती से स्थापित हो चुकी है।

चंद्रशेखर ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली में आयोजित तीसरे सेमीकॉनइंडिया फ्यूचरडिजाइन रोडशो को संबोधित करते हुए कहा, "हम बहुत जल्द एक फैब्रिकेशन सेंटर शुरू करने जा रहे हैं और इसके अलावा पहले पैकेजिंग निवेश की भी घोषणा करेंगे। हम भारत का सेमीकंडक्टर अनुसंधान केंद्र भी शुरू करने जा रहे हैं। इस तरह सेमीकंडक्टर नवोन्मेष, इलेक्ट्रॉनिक्स नवाचार और विनिर्माण के भविष्य में भारत की जगह निश्चित रूप से बनने जा रही है।"

उन्होंने कहा कि भारत ने सेमीकंडक्टर विनिर्माण को प्रोत्साहन देने के लिए 76,000 करोड़ रुपये की योजना शुरू की हुई है। इसके अलावा प्रतिभाओं की बड़ी तादाद और कौशल-विकास कार्यक्रम भी भारत को सेमीकंडक्टर देश के तौर पर विकसित कर रहे हैं।

चंद्रशेखर ने कहा, "इंडिया टेकेड (तकनीकी दशक) भारत के लिए प्रौद्योगिकी अवसरों से भरा हुआ दशक है। ये प्रौद्योगिकी अवसर देश भर के युवाओं के लिए उपलब्ध हैं।" इस कार्यक्रम में सिकोया कैपिटल इंडिया ने इस साल के अपने दूसरे सेमीकंडक्टर निवेश की घोषणा की। सिकोया ने इनकोर सेमीकंडक्टर्स को शुरुआती वित्तपोषण दौर में 30 लाख डॉलर का वित्त देने का ऐलान किया है। 

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