

नई दिल्ली: तेलंगाना (Telangana) के कालेश्वरम प्रोजेक्ट (Kaleshwaram Project Case) पर राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण की रिपोर्ट कुछ दिन पहले ही सामने आई है। यह रिपोर्ट राज्य में होनेवाले विधानसभा चुनाव (Telangana Assembly Election 2023) के मतदान से कुछ सप्ताह पहले आई है। ऐसे में इसका सामने आना मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) पर दबाव बढ़ाती है। इस रिपोर्ट ने चुनावी राज्य में राजनीतिक विवाद भी पैदा कर दिया है। रिपोर्ट आते ही कांग्रेस बीजेपी समेत अन्य विपक्षी दल केसीआर की बीआरएस पर टूट पड़े है।
बीजेपी तेलंगाना प्रमुख जी किशन रेड्डी ने कहा, "केसीआर सरकार द्वारा बनाई गई यह परियोजना अब डूब रही है। इस परियोजना का भविष्य अब सवालों के घेरे में है। इसमें लगाया गया पैसा अब बर्बाद हो गया है। मैं मांग करता हूं कि इसकी न्यायिक जांच हो।”
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इससे पहले केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ट्वीट करते हुए तेलंगाना में सत्तारूढ़ पार्टी पर हमला किया। उन्होंने लिखा, "भ्रष्टाचार... विफल परियोजनाओं... लीकेज" उन्होंने यह भी लिखा, "तेलंगाना की राज्य के दर्जे के लिए दशकों पुरानी लड़ाई पानी के आसपास केंद्रित रही है और हजारों लोगों के सर्वोच्च बलिदान और सभी वर्गों के अथक आंदोलन के बाद राज्य का दर्जा हासिल किया गया था। आज, इसके गठन के 10 साल बाद, तेलंगाना, बीआरएस के तहत... 1.5 लाख करोड़ खर्च करने के बाद भी इसका पानी एकत्र नहीं किया जा सकता।"
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उल्लेखनीय है कि, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बीते दिन (गुरुवार) घटनास्थल का दौरा किया था और कहा था, "मेदिगड्डा बैराज का दौरा किया, जो तेलंगाना में भ्रष्टाचार से ग्रस्त कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई योजना का एक हिस्सा है।"
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कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना तेलंगाना में गोदावरी नदी पर एक बहुउद्देश्यीय सिंचाई परियोजना है। यह परियोजना 13 जिलों में 18.26 लाख एकड़ भूमि की सिंचाई के उद्देश्य से बनाई गई थी। गोदावरी नदी पर बनी कालेश्वरम लिफ्ट परियोजना देश की सबसे बड़ी लिफ्ट सिंचाई परियोजना है। इस परियोजना का उद्घाटन जून 2019 में खुद मुख्यमंत्री ने किया था। ये परियोजना 45 लाख एकड़ भूमि को सिंचित करेगी और तेलंगाना के 70 प्रतिशत हिस्से को पीने का पानी उपलब्ध कराएगी। इसमें मेडीगड्डा बैराज पहला लिफ्ट स्तर है। ऐसा माना जाता है कि यह छह और लिफ्टों के माध्यम से कम से कम दो हजार मिलियन क्यूबिक फीट पानी हैदराबाद के पास कोंडा पोचम्मा सागर जलाशय तक ले जाएगा।