सोशल मीडिया पोस्ट पर फंसे एमके स्टालिन, विजय के मंत्री ने भेजा 1 करोड़ का लीगल नोटिस, तमिलनाडु में नया विवाद

Aadhav Arjun Legal Notice MK Stalin: DMK के प्रमुख एमके स्टालिन की मुश्किलें बढ़ गई है। तमिलनाडु के सीएम विजय के मंत्री ने उन्हें 1 करोड़ का लीगल नोटिस भेज दिया है। यहां जानें पूरा मामला।
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एमके स्टालिन (सौजन्य-IANS)
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MK Stalin Socail Media Post: तमिलनाडु की विजय सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री आधव अर्जुन ने पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके चीफ तमिलनाडु राज्य की राजनीति में हलचल मची हुई है। डीएमके के प्रमुख एमके स्टालिन के घर अब लीगल नोटिस आ गया है। विजय की टीवीके सरकार आने के बाद आए दिन एमके स्टालिन का विवादित बयान सामने आ रहा है।

ऐसे में टीवीके मंत्री के खिलाफ एक बयान अब उन्हीं पर भारी पड़ गया है। यह पूरा मामला 8 जून की एक सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा है, जिस पर अब टीवीके मंत्री ने एक्शन ले लिया है। अपनी सोशल मीडिया पोस्ट पर एमके स्टालिन ने दावा किया था मंत्री आधव अर्जुन का ड्रग तस्करों के साथ संबंध है।

एमके स्टालिन ने लगाए आरोप

दरअसल, उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा था कि, ईडी की एक प्रेस रिलीज के अनुसार, चेन्नई और रामनाथपुरम में जब्त किए गए 258 करोड़ रुपये के ड्रग तस्करी के मास्टरमाइड जॉन ब्रिटो, आधव अर्जुन के करीबी रिश्तेदार हैं। इस पोस्ट को लेकर अब एमके स्टालिन को लीगल नोटिस भेजा गया है। इसमें ड्रग तस्करी के मास्टरमाइंड जॉन ब्रिटो को रिश्तेदार बताने के लिए उन्हें बिना शर्त माफी मांगने के लिए कहा गया है। इतना ही नहीं बल्कि हर्जाने के रूप में 1 करोड़ रुपये देने की मांग भी की गई है। मंत्री आधव अर्जुन ने एमके स्टालिन को 48 घंटे का समय देते हुए सार्वजनिक माफी मांगने को कहा है।

सोशल मीडिया और टीवी पर प्रसारित करने की मांग

साथ ही स्टालिन और डीएमके की आईटी विंग को भेजे गए इस नोटिस में आधव अर्जुन ने कहा कि माफी को सोशल मीडिया में शेयर करना होगा। साथ ही तमिल और अंग्रेजी अखबारों और टीवी चैनलों में प्रसारित भी करना होगा। आधव अर्जुन ने नोटिस में कहा कि अगर ऐसा नहीं किया तो वह उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई करेंगे।

बता दें, कि 8 जून को एमके स्टालिन ने ईडी की प्रेस रिलीज के हवाले से चेन्नई और रामनाथपुरम में जब्त किए गए 258 करोड़ रुपये के ड्रग तस्करी के मास्टरमाइड जॉन ब्रिटो, आधव अर्जुन के करीबी रिश्तेदार होने का दावा किया था। इन दावों को आधव अर्जुन ने स्टालिन खारिज किया है। उनका दावा है कि जॉन ब्रिटो उनका करीबी रिश्तेदार नहीं है। मंत्री अर्जुन आधव ने दावा किया कि यह आरोप बिना किसी पड़ताल और सबूत के उन पर लगाया गया है।

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