स्टैच्यू ऑफ वननेस: शिवराज सिंह चौहान ने आदि शंकराचार्य की 108 फुट ऊंची प्रतिमा का किया अनावरण

सरकारी विज्ञापन में कहा गया है कि आदि शंकराचार्य केरल से निकले और मध्य प्रदेश पहुंचे, जहां ओंकारेश्वर के पवित्र द्वीप पर अपने गुरु गोविंदा भगवत्पाद से ज्ञान प्राप्त किया।
Statue of Oneness
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खंडवा: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने बृहस्पतिवार को 2,141 करोड़ रुपये की लागत वाली 'स्टैच्यू ऑफ वननेस' (Statue of Oneness) परियोजना के तहत राज्य के खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में आदि शंकराचार्य की 108 फुट ऊंची प्रतिमा (Statue of Adi Shankaracharya) का अनावरण किया। खंडवा जिले में नर्मदा नदी किनारे स्थित ओंकारेश्वर मंदिरों का शहर है।

भगवान शिव को समर्पित 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक ओंकारेश्वर में स्थित है। आठवीं शताब्दी के दार्शनिक आदि शंकराचार्य की 108 फुट ऊंची प्रतिमा का नाम एकात्मता की प्रतिमा रखा गया है। यह विशाल प्रतिमा नर्मदा नदी के किनारे सुरम्य मांधाता पहाड़ी के ऊपर स्थित है। मध्य प्रदेश में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं।

मांधाता पहाड़ी पर 2,141 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में 36 हेक्टेयर में फैले अद्वैत लोक संग्रहालय, वेदांत संस्थान और अद्वैत वन की स्थापना भी शामिल है। चौहान ने इस अवसर पर धार्मिक नेताओं की एक विशाल सभा को संबोधित करते हुए कहा, "आदि शंकराचार्य के कारण भारत आज सांस्कृतिक रूप से एकजुट है।"

सरकारी विज्ञापन में कहा गया है कि आदि शंकराचार्य केरल से निकले और मध्य प्रदेश पहुंचे, जहां ओंकारेश्वर के पवित्र द्वीप पर अपने गुरु गोविंदा भगवत्पाद से ज्ञान प्राप्त किया। उन्होंने अद्वैतवाद दर्शन की वकालत करते हुए सनातन धर्म को पुनर्जीवित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। चौहान ने कहा, "आज स्टैच्यू ऑफ वननेस की स्थापना की गई है और अद्वैत लोक की आधारशिला भी रखी गई है।" (एजेंसी)

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