सत्यपाल मलिक के निधन पर विपक्ष में शोक, BJP नेताओं ने साधी चुप्पी; PM मोदी भी मौन

BJP Leader and Former Governor सत्यापाल मलिक के निधन पर विपक्ष के नेता दिवंगत आत्मा को शांति दे रहे, वहीं उनकी पार्टी के किसी भी बड़े नेता की तरफ से सार्वजनिक तौर पर अभी श्रद्धांजलि नहीं दी गई।
सत्यपाल मलिक के निधन पर उमड़ा सियासी शोक, विपक्षी नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, PM मोदी अब तक मौन
भाजपा नेता सत्यपाल मलिक के निधन पर विपक्षी नेताओं ने दी श्रद्धांजली (फोटो- सोशल मीडिया)
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Satyapal Malik Death: जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल और भाजपा के जाने माने नेता डॉ. सत्यपाल मलिक का मंगलवार, 5 अगस्त 2025 को दिल्ली के आरएमएल अस्पताल में निधन हो गया। उनके निधन की खबर के बाद देश की सियासत में शोक की लहर दौड़ गई है। राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, पप्पू यादव और केसी त्यागी सहित कई नेताओं ने उन्हें अब तक श्रद्धांजलि दी है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ट्वीट या किसी भी तौर से सार्वजनिक श्रद्धांजलि नहीं दी गई थी, जो एक चर्चा का विषय बनता जा रहा है।

पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक कई राज्यों में अपनी सेवाएं दे चुके थे, लेकिन उनका सबसे बड़ा परिचय उनकी बेबाकी रही। वे जम्मू-कश्मीर और बिहार जैसे संवेदनशील राज्यों के राज्यपाल रहे, जहां उन्होंने कई बार सत्ता से असहमत होकर भी उन्होंने खुलकर बयान दिए। किसान आंदोलन से लेकर पुलवामा हमले तक, सत्यपाल मलिक ने कई संवेदनशील मुद्दों पर अपनी स्पष्ट राय रखी थी। उनके निधन से भारतीय राजनीति एक साहसी और निर्भीक नेता को खो चुकी है।

सत्ता के सामने सच बोलने वाले विरले नेता’: राहुल-केजरीवाल

कांग्रेस नेता व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक जी के निधन की खबर सुनकर बेहद दुख हुआ। मैं उन्हें हमेशा एक ऐसे इंसान के रूप में याद करूंगा, जो आखिरी वक्त तक बिना डरे सच बोलते रहे और जनता के हितों की बात करते रहे। मैं उनके परिवारजनों, समर्थकों और शुभचिंतकों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।

वहीं दिल्ली के पूर्व सीएम केजरीवाल ने लिखा कि पूर्व राज्यपाल श्री सत्यपाल मलिक जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। भारतीय राजनीति ने एक ऐसा व्यक्तित्व खोया है जो सत्ता के सामने भी सच बोलने का साहस रखता था। वे न सिर्फ़ एक अनुभवी राजनेता थे, बल्कि देशहित के मुद्दों पर निडर होकर अपनी बात कहने वाले विरले नेताओं में से एक थे। दिल्ली की नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने भी उन्हें सार्वजनिक जीवन में सादगी और ईमानदारी की मिसाल बताया।

वहीं कांग्रेस अध्यक्ष व राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के द्वारा भी पूर्व राज्यपाल को श्रद्धांजली दी गई। उन्होंने कहा पूर्व राज्यपाल व किसान हितैषी नेता, श्री सत्यपाल मलिक जी के निधन का समाचार बेहद दुखद है। वे बेबाकी और निडरता से सत्ता को सच्चाई का आईना दिखाते रहे। शोकाकुल परिवारजनों और समर्थकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।

पश्चिमी यूपी की आवाज बंद हो गई: केसी त्यागी

जेडीयू नेता केसी त्यागी ने भावुक होकर कहा, "यह मेरे लिए निजी क्षति है। वीपी सिंह सरकार में हम दोनों सांसद बने थे। हम चौधरी चरण सिंह के लोकदल से राजनीति में आए। सत्यपाल जी के जाने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश की एक मजबूत आवाज अब हमेशा के लिए शांत हो गई है।"

सांसद पप्पू यादव ने उन्हें किसानों की सबसे बुलंद आवाज बताया और कहा, "उनके साथ पुलवामा हमले से जुड़े कई राज भी दफन हो गए।" वहीं, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और दिल्ली विधानसभा में नेता विपक्ष आतिशी ने भी उन्हें सच्चा जनसेवक बताया।

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