

नई दिल्ली. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता अभिषेक बनर्जी ने मंगलवार को केंद्र पर प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि उसने पश्चिम बंगाल (West Bengal) को धन जारी करने के लिए दबाव बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय राजधानी में एकत्र हुए प्रदर्शनकारियों को डराने की कोशिश की। महात्मा गांधी की जयंती पर यहां राजघाट (Rajghat) पर दो घंटे तक धरना देने के एक दिन बाद बनर्जी ने टीएमसी सांसदों, विधायकों और राज्य के मंत्रियों तथा समर्थकों सहित मनरेगा श्रमिकों के साथ राष्ट्रीय राजधानी स्थित जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया।
वहीं, अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति (Sadhvi Niranjan Jyoti) ने उन्हें मिलने का समय देने के बाद भी उनसे मुलाकात नहीं की। ने कहा, "आज शाम 6 बजे हमारा केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति से मिलने का कार्यक्रम था, हमने 90 मिनट तक इंतजार किया, जिसके बाद हमें बताया गया कि वह हमसे नहीं मिल पाएंगी। आज शाम 4 बजे सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात हुई लेकिन हमें यहीं इंतजार कराया गया। अगर वह हमसे नहीं मिलना चाहती तो ठीक है, लेकिन हम यहां से कहीं नहीं जाएंगे, यहीं बैठे रहेंगे।"
उधर, कृषि भवन के अंदर प्रदर्शन कर रहे तृणमूल कांग्रेस के नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
अभिषेक बनर्जी ने केंद्र पर हमला बोलते हुए कहा, "कल उन्होंने टीएमसी के 50 नेताओं को रोकने के लिए करीब 5,000 से 10,000 पुलिस कर्मियों, आरएएफ (द्रुत कार्य बल) तथा अन्य बलों को भेजा था। आज यहां सुरक्षाकर्मियों की संख्या को देखकर ऐसा लगता है कि जैसे यहां भारत-चीन युद्ध हो रहा हो।" उन्होंने मणिपुर का भी जिक्र किया और कहा कि पूर्वोत्तर के इस राज्य में हिंसा जारी है, लेकिन केंद्र सरकार (यहां) प्रदर्शनकारियों को रोकने पर ध्यान दे रही है। टीएमसी नेता ने केंद्र सरकार पर प्रदर्शनकारियों को धमकाने की कोशिश करने का आरोप लगाया और कहा कि अपनी सारी कोशिशों के बावजूद, केंद्र टीमएसी को नहीं रोक सका।
पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ टीएमसी ने भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्य का 15,000 करोड़ रुपये बकाया रखने का आरोप लगाया है। वहीं, भाजपा ने आरोप लगाया कि टीएमसी पश्चिम बंगाल में घोटालों से ध्यान भटकाने के लिए दिल्ली में ‘नाटक' कर रही है। कृष्णानगर से सांसद महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि केंद्र बंगाल से कर संग्रह कर रहा है, लेकिन राज्य का बकाया नहीं दे रहा है।
टीएमसी नेता ने कहा, "हम यहां भीख मांगने नहीं आये हैं, बल्कि अपने अधिकार मांगने आये हैं। ममता बनर्जी केवल बंगाल के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए लड़ रही हैं।" उन्होंने आरोप लगाया, "वे सभी लोग, जो भाजपा और (नरेन्द्र) मोदीजी के करीब हैं, वे मजदूर के रूप में काम नहीं करते। ये गरीब लोग हैं, जिन्होंने काम किया लेकिन पारिश्रमिक नहीं मिला। आवास योजना के तहत घर पाने के हकदार 11 लाख लोगों को पैसे नहीं मिले।"
केंद्र से धन जारी करने की मांग करते हुए बंगाल के ग्रामीण विकास मंत्री प्रदीप मजूमदार ने कहा कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह ने सात नवंबर 2022 को आश्वस्त किया था कि निधि जारी की जाएगी। मजूमदार ने कहा, "बेगूसराय (गिरिराज के निर्वाचन क्षेत्र) के लोगों और बंगाल के गरीब लोगों के बीच कोई अंतर नहीं है।" टीएमसी नेताओं का केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति से मुलाकात करने का कार्यक्रम है, क्योंकि गिरिराज सिंह दिल्ली में नहीं हैं। (एजेंसी इनपुट के साथ)