फांसी या जेल! कोलकाता के आरजी कर दुष्कर्म-मर्डर केस में आज अदालत सुनाएगी फैसला, जानें पूरा मामला

आजआरजी कर दुष्कर्म और हत्या मामले में कोलकाता के सियालदह की सेशन कोर्ट फैसला सुनाने वाली है। इस घटना के कारण देश भर में आक्रोश फैल गया था और लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन हुए थे।
कोलकाता के आरजी कर दुष्कर्म-मर्डर केस में आज अदालत सुनाएगी फैसला, जानें पुरा मामला
आरजी कर केस में आज फैसला
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कोलकाता : आज यानी शनिवार 18 जनवरी को आरजी कर दुष्कर्म और हत्या मामले में कोलकाता के सियालदह की सेशन कोर्ट फैसला सुनाने वाली है। पता हो कि, मामले में आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में अपनी नाइट शिफ्ट पूरी करने के बाद एक प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ दुष्कर्म किया गया था और उसके बाद उसकी हत्या कर दी गई थी।

इस घटना के कारण देश भर में आक्रोश फैल गया था और लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन हुए थे। नागरिक स्वयंसेवक के रूप में कार्यरत संजय रॉय पर बीते 2024 की 9 अगस्त को उत्तर कोलकाता के सरकारी अस्पताल में स्नातकोत्तर महिला प्रशिक्षु चिकित्सक पर अपराध करने का आरोप लगाया गया था। मुकदमा दर्ज होने के 57 दिन बाद सियालदह अदालत के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिर्बन दास की अदालत में शनिवार को फैसला सुनाया जाएगा।

मामले की जांच कर रही कोलकाता पुलिस ने अस्पताल के सेमिनार कक्ष में महिला चिकित्सक का शव बरामद होने के एक दिन बाद 10 अगस्त को रॉय को गिरफ्तार कर लिया था। बाद में कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को स्थानांतरित कर दिया और एजेंसी ने आरोपी के लिए मृत्युदंड की मांग की है। चिकित्सक से दुष्कर्म और उसकी हत्या के मामले की बंद कमरे में सुनवाई 12 नवंबर को शुरू हुई और 50 गवाहों से पूछताछ की गई। रॉय के मुकदमे की सुनवाई बीते 9 जनवरी को पूरी हुई थी।

हालांकि, पीड़िता के माता-पिता ने कहा कि अपराध में अन्य लोग भी शामिल थे। उन्हें उम्मीद है कि अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने मामले की आगे जांच की मांग करते हुए अदालत में एक आवेदन भी दायर किया है।इस अपराध के बाद कोलकाता में जूनियर चिकित्सकों ने पीड़िता के लिए न्याय और सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था मुहैया करवाने की मांग करते हुए लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन किया।

जानकारी दें कि, भारतीय जनता पार्टी (BJP) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) सहित विपक्षी राजनीतिक दलों ने इस जघन्य अपराध का विरोध किया, लेकिन पीड़िता के लिए न्याय की मांग करने वाले गैर-राजनीतिक आंदोलन अधिक सक्रिय रहे। कोलकाता और राज्य के कुछ अन्य शहरों में नागरिकों ने पीड़ित चिकित्सक के लिए न्याय की मांग करते हुए आधी रात में रैलियां निकालीं।

वहीं पीड़ित चिकित्सक को कुछ लोगों ने ‘अभया' जबकि अन्य ने ‘तिलोत्तमा' नाम दिया।दुष्कर्म पीड़िता की पहचान उजागर करना कानून द्वारा निषिद्ध है। उच्चतम न्यायालय ने आर। जी। कर अस्पताल में प्रशिक्षु महिला चिकित्सक के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले को स्वतः संज्ञान में लेते हुए देश भर में चिकित्सकों और अन्य चिकित्सा पेशेवरों की सुरक्षा के लिए एक ‘प्रोटोकॉल' सुझाने के लिए एक राष्ट्रीय कार्य बल (NTF) का गठन किया था। NTF ने पिछले वर्ष नवंबर में उच्चतम न्यायालय के समक्ष एक रिपोर्ट दायर की थी।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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