दिल्ली-सिलीगुड़ी के बीच दौड़ेगी बुलेट ट्रेन, सिर्फ 6 घंटे में पूरा होगा सफर, रेल मंत्री ने बंगाल को दिया तोहफा

Delhi-Siliguri Bullet Train: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिल्ली और सिलीगुड़ी के बीच देश के दूसरे बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का ऐलान किया है, जो लखनऊ, वाराणसी और पटना होते हुए पश्चिम बंगाल पहुंचेगी।
Delhi-Siliguri Bullet Train
दिल्ली-सिलीगुड़ी के बीच बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का ऐलान (सोर्स- सोशल मीडिया)
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West Bengal Bullet Train: केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पश्चिम बंगाल के लिए बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने जानकारी दी जल्दी ही राजधानी दिल्ली और सिलीगुड़ी के बीच एक हाई स्पीड बुलेट ट्रेन चलाई जाएगी। यह बंगाल में चलने वाली पहली बुलेट ट्रेन होगी। ये ट्रेन दिल्ली से निकलकर लखनऊ से होते हुए पहले वाराणसी और फिर  पटना के रास्ते सिलीगुड़ी पहुंचेगी।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार (6 जून) को इसकी घोषणा की। उन्होंने नबन्ना में वरिष्ठ रेल और राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ मीटिंग के बाद इसका ऐलान किया। ये देश का दूसरा बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट है। जिसे मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड ट्रेन कॉरिडोर का काम पूरा होने के बाद शुरू किया जाएगा।

अलग-अलग कॉरिडोर को जोड़कर किया गया तैयार

दिल्ली से चलने वाले इस बलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को दो अलग-अलग कॉरिडोर जोड़कर बनाया गया है। इसके पहला हिस्सा दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर होगा। वहीं, दूसरा वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी कॉरिडोर होगा। जानकारी के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट पर काम 2028 से शुरू होने की संभावना जताई गई है।

तीन राज्यों के कई बड़े शहरों का विकास

रेल मंत्रालय ने दिल्ली-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को काफी अहम बताया है। मंत्रालय का कहना है कि बुलेट ट्रेन दिल्ली ने निकलकर तीन राज्यों का सफर तय करेगी। इस दौरान वो कई बड़े शहरों से होकर गुजरेगा। इससे इन शहरों के विकास को तेजी मिलेगी, साथ ही इन इलाकों में रहने वाले लोगों को वर्ल्ड क्लास सुविधाएं मिलेगी। मंत्रालय के मुताबिक ट्रेन दिल्ली से शुरू होकर नोएडा में जेवर एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, इटावा, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, गाजीपुर, पटना और फिर सिलीगुड़ी के पास न्यू जलपाईगुड़ी तक स्टेशन जाएगी। इसके अलावा इस बुलेट ट्रेन को भविष्य में असम के गुवाहाटी का विस्तार करने की योजना है।

प्रोजेक्ट से चिकन नेक की सुरक्षा में मदद

दिल्ली-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड कॉरिडोर उत्तर भारत को पूर्वोत्तर भारत से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। यह कॉरिडोर दिल्ली हावड़ा रूट का बड़ा हिस्सा भी कवर करेगा। रेल मंत्री के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में बुलेट ट्रेन और अन्य रेल परियोजनाओं पर 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जा रहा है। सिलीगुड़ी, जिसे ‘चिकन नेक’ कॉरिडोर कहा जाता है, पूर्वोत्तर का मुख्य प्रवेश द्वार है।

इस हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट से न केवल पर्यटन बल्कि सेना और रसद की आवाजाही भी सुगम होगी। परियोजना से उत्तर बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में व्यापार और पर्यटन में वृद्धि होगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और बंगाल सरकार ने जमीन अधिग्रहण में तेजी लाने का भरोसा दिया है, और दिल्ली-वाराणसी मार्ग पर भी भूमि अधिग्रहण जल्द शुरू होगा।

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