गलत आर्थिक आंकड़े शेयर कर फिर ट्रोल हुए राहुल गांधी, जानिए पूरी सच्चाई

कांग्रेस नेता व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर गलत आर्थिक आंकड़े शेयर किये हैं। इसको लेकर अब राजनीतिक गलियारों में उन्हें ट्रोल किया जा रहा है। जानिए क्या है सच्चाई?
गलत आर्थिक आंकड़े शेयर कर राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना, ट्रोलिंग शुरू; जानिए सच्चाई
राहुल गांधी (फोटो-सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

नई दिल्लीः लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भारत की आर्थिक स्थिति को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कुछ आंकड़े सोशल मीडिया एक्स शेयर करते हुए कहा कि हमें ऐसी सरकार चाहिए, जो हर भारतीय के लिए काम करे, न कि कुछ गिने चुने पूंजीपतियों के लिए। गांधी के निशाने पर केंद्र की मोदी सरकार के साथ अडानी और अंबानी भी हैं।

राहुल गांधी ने कहा कि सरकार कहती है कि भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है, लेकिन आम लोगों को परेशानियां कम नहीं हुई हैं, स्थिति जस की तस बनी हुई है। उन्होंने आगे कहा कि हमें ऐसी राजनीति चाहिए जो इवेंट्स की चमक से नहीं, आम ज़िंदगी की सच्चाई से जुड़ी हो-जो सही सवाल पूछे, हालात को समझे और ज़िम्मेदारी से जवाब दे।

राहुल गांधी के आर्थिक आंकड़े गलत

इसके अलावा गांधी ने अपने सोशल मीडिया कुछ आर्थिक आंकड़े जारी किए, जिसके लिए अब उन्हें ट्रोल होना पड़ रहा है। राहुल गांधी द्वारा जारी किए सभी आंकड़े गलत हैं। उन्होंने लिखा" आंकड़े सच बोलते हैं। पिछले एक साल में टू-व्हीलर की बिक्री 17% और कार की बिक्री 8.6% घट गई है। वहीं मोबाइल मार्केट 7% गिर गया है। दूसरी तरफ, ख़र्च और कर्ज़ - दोनों लगातार बढ़ रहे हैं: मकान का किराया, घरेलू महंगाई, शिक्षा का खर्च, लगभग हर चीज़ महंगी होती जा रही है। ये सिर्फ़ आंकड़े नहीं हैं, ये उस आर्थिक दबाव की हक़ीक़त है जिसके नीचे हर आम भारतीय पिस रहा है।

राहुल द्वारा शेयर किए गए आंकड़ों की सच्चाई

  • दावा-1 पिछले एक साल में बाइक की बिक्री में 17 प्रतिशत और कार की बिक्री में 8.6 प्रतिशत गिरावट
  • सच्चाई- फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के मुताबिक, 2024-25 में 1.88 करोड़ से ज्यादा दोपहिया वाहन बिके, जो 2023-24 में बिके 1.75 करोड़ की तुलना में 7.7% अधिक है। कारों की बिक्री 39.60 लाख से 4.87 फीसदी बढ़कर 41.53 लाख इकाई हो गई।
  • दावा-2 मोबाइल मार्केट में 7 प्रतिशत गिरावट
  • सच्चााई-इंटरनेशनल डाटा कॉरपोरेशन के मुताबिक, 2024 में देशभर में कुल 15.1 करोड़ मोबाइल बिके, जो 4 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्शाता है।
  • दावा- 3 खर्च और कर्ज का बोझ लोगों पर बढ़ा
  • सच्चाई-कांतार की रिपोर्ट के अनुसार, महंगाई में वृद्धि से भारतीय परिवारों का औसत खर्च 2022 की तुलना में 2024 में 18%बढ़ गया। आरबीआई के अनुसार घरेलू देनदारियां 5.8 फीसदी से बढ़कर 2024-25 में 6.1 फीसदी पहुंच गई हैं।
  • दावा-4 मकान किराया 21 फीसदी तक बढ़ा
  • सच्चाई- एनारॉक का कहना है कि मुंबई, दिल्ली-एनसीआर व बंगलूरू जैसे बड़े शहरों में मकान किराये में 2024 में 9-21 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी हुई है। वृद्धि दर्ज की गई।
  • दावा-5 घरेलू महंगाई एक साल में तेजी से बढ़ी
  • सच्चाई- रिजर्ब बैंक वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार 2024-25 के दौरान औसत महंगाई घटकर 4.6 फीसदी रही, जो 2023-24 में 5.4 फीसदी थी। अप्रैल, 2025 में खुदरा महंगाई घटकर करीब 6 साल के निचले स्तर 3.16 फीसदी पर आ गई।
  • दावा-6 शिक्षा खर्च में भी बढ़ोतरी
  • सच्चाई- सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के मुताबिक, 2022-23 में ग्रामीण इलाकों में लोग कमाई का 3.30 फीसदी हिस्सा शिक्षा पर खर्च करते थे, जो 2023-24 में घटकर 3.24 फीसदी रह गया। शहरी क्षेत्रों में खर्च 5.78% से बढ़कर 5.97% पहुंच गया।
Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com