

नई दिल्ली: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर राहुल गांधी के 'मैच फिक्सिंग' वाले बयान पर देश की राजनीति गरमा गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में गड़बड़ी हुई और जनादेश की अनदेखी की गई। अब इस बयान पर सियासत और तेज हो गई है, क्योंकि बीजेपी अध्यक्ष ने इसे कांग्रेस की चुनावी हार की हताशा करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी बिना सबूत के लोकतांत्रिक संस्थानों पर हमला बोलते हैं और बार-बार हार का ठीकरा तंत्र पर फोड़ते हैं। इस बयान को लेकर दोनों दलों के बीच जुबानी जंग शुरू हो चुकी है।
इस पूरे विवाद की शुरुआत एक अखबार में प्रकाशित लेख को साझा करने से हुई, जिसमें राहुल गांधी ने चुनावी धांधली का आरोप लगाते हुए कहा कि महाराष्ट्र चुनाव में सब कुछ पहले से तय था। इसके बाद बीजेपी अध्यक्ष ने एक के बाद एक पांच स्तरों पर राहुल गांधी की आलोचना की और कहा कि यह कांग्रेस की एक पुरानी रणनीति है जिसमें वह हार के बाद खुद को निर्दोष साबित करने के लिए फर्जी नैरेटिव गढ़ती है।
झूठे कहानियां बनाना कांग्रेस की आदत
राहुल गांधी के बयान के जवाब में बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस हार की वजह आत्मविश्लेषण करने के बजाय भ्रम फैलाने में लगी रहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हर चुनाव हारने के बाद एक साजिश की थ्योरी तैयार करती है और जनता को गुमराह करने की कोशिश करती है। नड्डा ने यह भी कहा कि विपक्ष अब सिर्फ सनसनी और सुर्खियों के भरोसे राजनीति करना चाहता है, जबकि उसे तथ्यों पर काम करना चाहिए।
'बिहार में हार तय, इसलिए झूठ गढ़ रहे
बीजेपी अध्यक्ष ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस जानती है कि बिहार में उसकी हार तय है, इसीलिए अब वह संस्थानों को बदनाम करने की रणनीति पर चल रही है। उन्होंने कहा कि बार-बार झूठ बोलकर कांग्रेस लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही है। नड्डा ने दो टूक कहा कि लोकतंत्र को किसी नाटक की नहीं, बल्कि सच्चाई की जरूरत है, जिसे कांग्रेस भूल चुकी है।