गाजा से दिल्ली तक गूंजा विवाद, प्रियंका पर इजराइली राजदूत की टिप्पणी से कांग्रेस ने छेड़ी जंग

Congress Leader प्रियंका गांधी ने गाजा में हो रही त्रासदी को इजरायल द्वारा किया जा रहा नरसंहार कहा गया। इस पर इजरायल के राजदूत ने टिप्पणी करते हुए कांग्रेस नेता को आडे हाथों लेते हुए सलाह दे डाली।
‘संसद चुप नहीं रह सकती’: प्रियंका गांधी पर इज़राइली राजदूत की टिप्पणी से भड़की कांग्रेस, जयशंकर से हस्तक्षेप की मांग
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी व इजरायली राजनयिक रूवेन अजार (फोटो- सोशल मीडिया)
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Congress vs Israel: कांग्रेस ने भारत में इजराइल के राजदूत रूवेन अजार द्वारा प्रियंका गांधी वाड्रा पर की गई टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई है। प्रियंका ने गाजा में जारी हिंसा को नरसंहार कहा था, जिसके जवाब में अजार ने उन पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेताओं ने इसे भारतीय लोकतंत्र और संसद की गरिमा पर सीधा हमला बताते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर से हस्तक्षेप की मांग की है।

कांग्रेस का कहना है कि एक विदेशी राजनयिक द्वारा भारत के एक निर्वाचित सांसद के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल पूरी तरह से अस्वीकार्य है। कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने इसे अधिकारों का उल्लंघन बताया और संसद से इस पर प्रतिक्रिया देने की भी अपील कर डाली है।

प्रियंका का आरोप और राजदूत अजार का जवाब

प्रियंका गांधी ने एक्स पर लिखा था कि इजराइल ने गाजा में 60,000 से अधिक लोगों की हत्या की है, जिनमें 18,430 बच्चे शामिल हैं। उन्होंने कहा कि लाखों लोग भुखमरी की कगार पर हैं और दुनिया की चुप्पी तथा भारत सरकार की हाथ पर हाथ रखे बैठने की प्रतिक्रिया शर्मनाक है। इस पर रूवेन अजार ने जवाब देते हुए कहा, शर्मनाक यह है कि आप धोखा दे रही हैं। इजराइल ने 25,000 हमास आतंकवादियों को मारा है। उन्होंने दावा किया कि इजराइल ने गाजा में 2 मिलियन टन खाद्य सामग्री भेजी है और हमास नागरिकों के पीछे छिपकर हमला करता है।

कांग्रेस नेताओं का तीखा पलटवार

वहीं कांग्रेस नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने कहा कि गाजा में मानवीय संकट को नकारना और हजारों निहत्थे लोगों की हत्या को उचित ठहराना निंदनीय है। उन्होंने अजार की भाषा को अराजनयिक और आपत्तिजनक बताया। पवन खेड़ा ने सवाल उठाया कि क्या भारत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता अब इजराइल से नियंत्रित होगी। उन्होंने विदेश मंत्री से मांग की कि इस धमकाने की कोशिश पर स्पष्ट बयान दें।

लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई ने कहा कि यह संसद के विशेषाधिकार का गंभीर उल्लंघन है और संसद चुप नहीं रह सकती। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने भी अजार की टिप्पणी की निंदा करते हुए मोदी सरकार पर नैतिक कायरता का आरोप लगाया और कहा कि सरकार को इस मामले पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

क्या बढ़ सकता है भारत-इजराइल विवाद

वहीं इस पर कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद भारत-इजराइल संबंधों पर असर डाल सकता है, खासकर ऐसे समय में जब गाजा संघर्ष पर वैश्विक बहस तेज है। कांग्रेस के तेवर देखते हुए यह मुद्दा जोर पकड़ सकता है।

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