PM मोदी की दिल्ली में हाई लेवल मीटिंग, शुरू होगा ऑपरेशन सिंदूर? पाकिस्तान बॉर्डर पर अलर्ट जारी

Delhi Blast Case: दिल्ली धमाके के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक बुलाई है। इसमें रक्षा मंत्री, गृह मंत्री और एनएसए शामिल होंगे।
CCS Meeting on Delhi Blast
PM मोदी की दिल्ली में हाई लेवल मीटिंग, शुरू होगा ऑपरेशन सिंदूर? पाकिस्तान बॉर्डर पर अलर्ट जारी
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PM Modi Meeting on Delhi Blast: दिल्ली धमाके के बाद हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की अहम बैठक बुलाई। इस उच्चस्तरीय मीटिंग में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल मौजूद रहें। इस दौरान बैठक में मृतकों के लिए दो मिनट का मौन भी रखा गया। लाल किला कार ब्लास्ट मामले की जांच तेज़ी से जारी है। ऐसा माना जा रहा है कि बैठक में अब तक की जांच रिपोर्ट, सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट और आगे की रणनीति पर चर्चा की गई है।

पीएम मोदी भूटान से लौटने के बाद एलएनजेपी अस्पताल जाकर घायलों से मिले थे और उन्हें न्याय दिलाने का आश्वासन दिया था। अब सीसीएस की बैठक से यह संकेत मिल रहे हैं कि केंद्र सरकार इस आतंकी हमले की तह तक जाने और साजिशकर्ताओं को कड़ी सजा दिलाने के लिए पूरी ताकत झोंकने वाली है। सुरक्षा एजेंसियों को इस हमले के संभावित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच का भी निर्देश दिया जा सकता है।

जम्मू कश्मीर में अलर्ट जारी

दिल्ली धमाके के बाद जम्मू-कश्मीर में सभी प्रमुख प्रतिष्ठानों की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। अंतरराष्ट्रीय सीमा और उससे सटे इलाकों में भी अलर्ट जारी है। बीएसएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

जम्मू संभाग के पुलिस महानिरीक्षक भीमसेन टूटी सोमवार देर शाम कठुआ के हीरानगर सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा का जायजा लेने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कई बॉर्डर पुलिस चौकियों का निरीक्षण किया और सुरक्षा कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सीमा पार घुसपैठ की आशंका को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की चूक नहीं होने देना चाहतीं।

शुरू होगा ऑपरेशन सिंदूर?

अगर जांच में लश्कर या जैश-ए-मोहम्मद का हाथ साबित होता है, तो भारत पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई कर सकता है। सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि देश में किसी भी आतंकी हमले को अब ‘एक्ट ऑफ वॉर’ माना जाएगा। बताया जा रहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद जैश और लश्कर के कई कैंप पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा इलाके में शिफ्ट किए गए थे, जो भारत की सीमा से लगभग 350 किलोमीटर दूर हैं। वायुसेना प्रमुख ने हाल में कहा था कि “कोई भी आतंकी कैंप हमारी पहुंच से बाहर नहीं है।”

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