

PM Narendra Modi Met President Nikos Christodoulides: शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिड्स के बीच नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय बैठक हुई। यह बैठक दोनों ही देशों के लिए आर्थिक, व्यापार और सांस्कृतिक तौर पर अहम मानी जा रही है।
इस बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, तकनीक, शिक्षा, संस्कृति, लोगों की आवाजाही, रक्षा और सुरक्षा, एआई, फिनटेक, इनोवेशन और रिसर्च जैसे कई अहम क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की।
बैठक से पहले दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से एक-दूसरे का स्वागत किया और साथ में एक सेल्फी भी ली। विदेश मंत्रालय (MEA) के बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग को लेकर भी अपने विचार साझा किए।
साइप्रस के राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलाइड्स के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, "आज हमने वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की। चाहे यूक्रेन का मामला हो या पश्चिम एशिया का, हम संघर्ष को जल्द से जल्द खत्म करने और शांति स्थापित करने के प्रयासों का समर्थन करते रहेंगे। हम इस बात पर भी एकमत हैं कि बढ़ती वैश्विक चुनौतियों को हल करने के लिए वैश्विक संस्थाओं में सुधार अत्यंत आवश्यक और महत्वपूर्ण है।"
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "अपने संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने के लिए, हमने 'प्रवासन और गतिशीलता समझौते' (Migration and Mobility Agreement) और 'सामाजिक सुरक्षा समझौते' पर सहमति बनाई है। हम उच्च शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में भी समझौते कर रहे हैं।"
पीएम मोदी ने आतंकवाद से जुड़े मामले पर कहा, "साइप्रस के साथ हमारा रक्षा सहयोग भी बढ़ा है। हमने साइबर सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद-रोधी क्षेत्रों में भी सहयोग का विस्तार करने का निर्णय लिया है।"
इससे पहले दिन में राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिड्स ने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिड्स से मुलाकात की और भारत-साइप्रस संबंधों और भारत-यूरोपीय संघ सहयोग को लेकर उनके सकारात्मक विचारों की सराहना की।
बैठक के बाद, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म 'X' पर पोस्ट करते हुए कहा, नई दिल्ली में साइप्रस गणराज्य के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स से मिलकर बहुत खुशी हुई। भारत-साइप्रस संबंधों और भारत-यूरोपीय संघ सहयोग को मजबूत करने के संबंध में उनके सकारात्मक विचारों और मार्गदर्शन की सराहना करता हूं।