Putin India Visit: पुतिन के लिए मोदी की 'हाई डिनर' मेजबानी, पश्चिमी देशों की पैनी नजर

India Russia Relations: प्रधानमंत्री मोदी आज राष्ट्रपति पुतिन के लिए हाई डिनर की मेजबानी करेंगे। इस शिखर वार्ता में रक्षा, ऊर्जा और व्यापार पर बात होगी, जिस पर अमेरिका और यूरोप की कड़ी नजर है।
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प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Modi Putin Summit 2025: आज भारत और रूस के बीच सदियों पुरानी और भरोसेमंद दोस्ती एक बार फिर चर्चा में है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन आज दो दिन की महत्वपूर्ण राजकीय यात्रा पर भारत आ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके सम्मान में निजी डिनर की मेजबानी करेंगे। इस दौरे को भारत-रूस के रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने किया पुतिन के लिए 'हाई डिनर' का आयोजन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने निवास पर आज, गुरुवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के लिए राजकीय 'हाई डिनर' की मेजबानी करेंगे। पुतिन दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर भारत आ रहे हैं। डिनर के बाद, दोनों नेता कल, शुक्रवार को हैदराबाद हाउस में 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में द्विपक्षीय शिखर वार्ता करेंगे। यह दौरा ऐसे नाज़ुक समय में हो रहा है जब एक ओर अमेरिका के साथ भारत के रिश्ते सबसे निचले स्तर पर हैं, वहीं दूसरी ओर रूस के साथ सामरिक और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने की कवायद जारी है।

पश्चिमी देशों की भारत-रूस की दोस्ती पर पैनी नजर

यूक्रेन युद्ध के बाद लगे प्रतिबंधों के बावजूद, भारत ने रूस से तेल खरीदना जारी रखा है, जो दोनों देशों की मजबूत दोस्ती का प्रमाण है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, शिखर सम्मेलन में दोनों नेता कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यापक द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। अमेरिका और यूरोपीय देश इस पूरी यात्रा पर करीबी से नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि वे भारत और रूस के गहरे होते रिश्तों को संदेह की दृष्टि से देखते हैं।

शिखर वार्ता का प्रमुख एजेंडा- रक्षा, व्यापार और ऊर्जा

शुक्रवार को होने वाली शिखर वार्ता का मुख्य एजेंडा रक्षा सहयोग को बढ़ाना, द्विपक्षीय व्यापार को बाहरी दबावों से सुरक्षित रखना और छोटे मॉड्यूलर न्यूक्लियर रिएक्टरों में सहयोग शामिल है। दोनों देशों के बीच व्यापार घाटे पर भी चिंता जताई जाएगी, जहां भारत का आयात (65 अरब डॉलर) भारत के निर्यात (5 अरब डॉलर) से काफी अधिक है। रूस ने कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ाने का आश्वासन दिया है। इसके साथ ही, भारतीय निर्यात को फार्मा, कृषि और उपभोक्ता वस्तुओं के क्षेत्र में बढ़ाने पर बात होगी। उर्वरक आपूर्ति भी महत्वपूर्ण एजेंडा है।

महत्वपूर्ण समझौते और रूस टुडे चैनल का उद्घाटन

शिखर वार्ता के बाद, पुतिन और मोदी भारत मंडपम में व्यापारिक नेताओं से मिलेंगे। इसके बाद, राष्ट्रपति पुतिन 'रूस टुडे' के भारत चैनल का उद्घाटन करेंगे, जिसके लिए रूसी सरकार ने 100 सदस्यीय ब्यूरो स्थापित किया है। यात्रा के दौरान, भारतीय श्रमिकों के रूस में आवागमन को सुगम बनाने और रक्षा सहयोग के विस्तार सहित कई समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन (ईएईयू) के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को जल्द अंतिम रूप देने पर भी चर्चा होगी, जिसका लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक ले जाना है।

रक्षा मंत्रियों की बैठक में एस-400 और एसयू-57 पर फोकस

पुतिन के दौरे से ठीक पहले, बृहस्पतिवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके रूसी समकक्ष आंद्रे बेलौसोव के बीच महत्वपूर्ण वार्ता होगी। इस बैठक के एजेंडा में एस-400 मिसाइल की अतिरिक्त खरीद (जो ऑपरेशन सिंदूर में कारगर सिद्ध हुई है), सुखोई-30 उन्नयन, एसयू-57 लड़ाकू विमान की संभावित आपूर्ति और सैन्य सामग्री की शीघ्र डिलीवरी पर मुख्य ध्यान होगा। रूस के राष्ट्रपति पुतिन, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा आयोजित राजकीय भोज में शामिल होने के बाद, शुक्रवार रात 9:30 बजे मास्को के लिए रवाना हो जाएंगे।

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