'पॉलिसी पैरालिसिस' से 'गेमिंग' तक...स्वामी विवेकानंद जयंती पर PM मोदी ने डिकोड किया 'Gen Z' का मिजाज

PM Narendra Modi News: भारत मंडपम् में स्वामी विवेकानंद की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026' में शिरकत करते हुए देश की युवा शक्ति में नया जोश भर दिया।
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भारत मंडपम में पीएम मोदी (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Viksit Bharat Young Leaders Dialogue: राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम् में स्वामी विवेकानंद की जयंती पर एक अलग ही नजारा देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026' में शिरकत करते हुए देश की युवा शक्ति में नया जोश भर दिया।

उन्होंने न केवल युवाओं की सफलता को देश की ऊंचाई बताया, बल्कि आज की 'जेन Z' पीढ़ी के मिजाज और उनकी रचनात्मकता की खुलकर तारीफ भी की। पीएम का यह संबोधन विकसित भारत के संकल्प और लोकतंत्र में युवाओं की भागीदारी पर केंद्रित रहा।

'राष्ट्र प्रथम' होना चाहिए जीवन का लक्ष्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत स्वामी विवेकानंद को नमन करते हुए की। उन्होंने कहा कि स्वामी जी के विचार आज भी हर युवा के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। हर साल 12 जनवरी को मनाया जाने वाला राष्ट्रीय युवा दिवस हमें याद दिलाता है कि हमारे जीवन का लक्ष्य 'राष्ट्र प्रथम' होना चाहिए। पीएम मोदी ने लोकतंत्र में युवाओं की बढ़ती भागीदारी की सराहना की और कहा कि आज की अमृत पीढ़ी विकसित भारत के निर्माण के लिए पूरी तरह संकल्पित नजर आती है।

भारत मंडपम में ली GEN-Z की चुटकी

प्रधानमंत्री ने युवाओं के साथ संवाद करते हुए हल्के-फुल्के अंदाज में चुटकी भी ली। उन्होंने पूछा कि क्या वे वक्ताओं को सुनते-सुनते थक तो नहीं जाएंगे। पीएम ने याद दिलाया कि जब वे पहली बार मुख्यमंत्री बने थे, तब कई युवाओं का जन्म भी नहीं हुआ होगा और 2014 में जब प्रधानमंत्री बने, तब वे बच्चे रहे होंगे।

'पॉलिसी पैरालिसिस' का किया जिक्र

पीएम मोदी ने 2014 से पहले के दौर का जिक्र करते हुए कहा कि तब देश 'पॉलिसी पैरालिसिस' से जूझ रहा था। सरकार फैसले लेने से डरती थी और जो फैसले होते थे, वे जमीन पर ठीक से लागू नहीं होते थे। आज के युवाओं ने वह दौर नहीं देखा, जहां हर तरफ निराशा थी और देश का युवा परेशान था। उन्होंने कहा कि उन्हें युवा पीढ़ी के टैलेंट और सामर्थ्य पर हमेशा से बहुत ज्यादा विश्वास रहा है और वे खुद युवाओं से ऊर्जा पाते हैं। उन्होंने कहा कि आज ये सारी बातें असामान्य लगती हैं लेकिन एक दशक पहले तक यही सब चलता था।

रामायण-महाभारत में गेमिंग का भविष्य

प्रधानमंत्री ने डिजिटल इंडिया की सफलता पर बात करते हुए कहा कि इसने क्रिएटर्स का एक नया समुदाय खड़ा कर दिया है। भारत आज 'ऑरेंज इकोनॉमी' यानी कल्चर, कंटेंट और क्रिएटिविटी का अभूतपूर्व विकास देख रहा है। उन्होंने भारतीय पौराणिक कथाओं, जैसे रामायण और महाभारत को गेमिंग की दुनिया में लाने का सुझाव दिया।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि पूरी दुनिया में गेमिंग का एक बहुत बड़ा बाजार है। हम अपनी सांस्कृतिक धरोहर और कहानियों को गेमिंग के जरिए दुनिया के सामने रख सकते हैं। यह दिखाता है कि भारत का 'जेन Z' कितनी रचनात्मकता से भरा हुआ है। पीएम ने कहा कि हमारे हर प्रयास में समाज और देश का हित होना चाहिए, यही स्वामी विवेकानंद की भी सीख थी।

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