आखिरी चरण में उत्तराखंड सुरंग रेस्क्यू ऑपरेशन, जिंदगी के पाइपलाइन की पहली तस्वीर आई सामने

Silkyara Tunnel Rescue Operation
Updated on

नई दिल्ली/उत्तरकाशी: उत्तराखंड (Uttarakhand) के उत्तरकाशी में टनल में फंसे मजदूरों को निकालने (Uttarkashi Tunnel Rescue Operation) की लगातार कोशिशें आखिरकार रंग ला चुकी है। सिल्कयारा सुरंग के अंदर फंसे 41 श्रमिकों को बचाने के लिए ऑपरेशन तेज हो गया है।  जल्दी ही सुरंग में फंसे मजदूरों को बाहर निकाला जाएगा। इस बीच उत्तराखंड सुरंग रेस्क्यू ऑपरेशन की ताजा तस्वीरें सामने आई हैं। 

https://twitter.com/ANI/status/1729446478538838450

समाचार एजेंसी एएनआई ने बचाव अभियान की आखिरी दौर की तस्वीर साझा की है। सिल्क्यारा सुरंग से मजदूरों को निकालने के बाद उन्हें एयर लिफ्ट करने के लिए चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी पर चिनूक हेलीकॉप्टर भी तैनात कर दिया गया है।

https://twitter.com/ANI/status/1729452423734002051

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सुरंग के अंदर पाइप डालने का काम पूरा हो गया है और जल्द ही सभी मजदूरों को बचा लिया जाएगा।

https://twitter.com/pushkardhami/status/1729419203395125658

'मजदूरों को बाहर निकालने में लगेंगे 3-4 घंटे'

सिल्कयारा सुरंग में फंसे श्रमिकों को निकालने के लिए जारी अभियान पर एनडीएमए के सदस्य, लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने कहा, "अनुमान है कि 41 व्यक्तियों में से प्रत्येक को निकालने में 3-5 मिनट लगेंगे। पूरी निकासी में 3-5 मिनट का समय लगेगा।" 3-4 घंटे। एनडीआरएफ की तीन टीमें निकासी को व्यवस्थित करने के लिए सुरंग में जाएंगी। एसडीआरएफ सहायता प्रदान करेगी। निकासी के समय पैरामेडिक्स भी सुरंग के अंदर जाएंगे।"

'रात में उड़ान नहीं भरेगा चिनूक'

उन्होंने कहा, 'टनल में फंसे मजदूरों ने कहा है कि वे काम का शोर सुन सकते हैं।  हसनैन ने कहा कि चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी पर चिनूक हेलीकॉप्टर मौजूद है। चिनूक हेलीकॉप्टर के उड़ान भरने का आखिरी समय शाम 4:30 बजे है। हम इसे रात के वक्त नहीं उड़ाएंगे। अगर मजदूरों को निकालमें देर हो जाती है तो उन्हें अगली सुबह एयरलिफ्ट किया जाएगा।'

सैयद अता हसनैन ने कहा, "जिला अस्पताल में 30 बिस्तरों की सुविधा तैयार है और साइट पर 10 बिस्तरों की सुविधा भी तैयार है। चिनूक रात में उड़ान भर सकता है लेकिन मौसम अनुकूल नहीं है। इसके लिए और ऐसी कोई तात्कालिकता नहीं है। यदि शीघ्रता है, तो श्रमिकों को 1 या 2 एम्बुलेंस में ऋषिकेश लाया जा सकता है।"

Navbharat Live
navbharatlive.com