ऑपरेशन सिंदूर की सेना ने अब सारी सच्चाई बता दी, बुकलेट जारी कर पूरे राज खोले

ऑपरेशन सिंदूर पर सेना ने संचालन कक्ष की झलक दिखाई इसमें बताया कि किस तरह सेना प्रमुख जनरल द्विवेदी, नौसेना प्रमुख एडमिरल त्रिपाठी और वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह जैसे शीर्ष अधिकारी ऑपरेशन पर नजर रख रहे थे।
ऑपरेशन सिंदूर की सेना ने अब सारी सच्चाई बता दी, बुकलेट जारी कर पूरे राज खोल दिए
भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी एक अहम बुकलेट जारी की (फोटो- @ANI)
Published on: 
Updated on: 

नई दिल्ली: भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी एक अहम बुकलेट जारी कर दी है, जिसने इस बड़े सैन्य अभियान की अंदरुनी तैयारियों की झलक दुनिया के सामने रख दी है। इस बुकलेट में ऑपरेशन के उस वॉर रूम की तस्वीरें शामिल की गई हैं, जहां से देश के तीनों सेनाओं के प्रमुख एकसाथ बैठकर पल-पल की निगरानी कर रहे थे। यह दुर्लभ दृश्य से पता चलता है कि इस ऑपरेशन को कितनी रणनीतिक सावधानी और राष्ट्रीय समर्पण के साथ अंजाम दिया गया। बुकलेट में हर उस पल को संजोया गया है जो अब इतिहास का हिस्सा बन चुका है।

सेना द्वारा जारी की गई इस बुकलेट में उस नियंत्रण कक्ष की तस्वीर भी शामिल है, जहां से ऑपरेशन की निगरानी की जा रही थी। यह कमरा सिर्फ एक तकनीकी केंद्र नहीं बल्कि भारत की सैन्य शक्ति, अनुशासन और एकजुटता का प्रतीक बन गया है। इसमें दिखाया गया है कि कैसे ऑपरेशन के हर चरण पर वरिष्ठ सैन्य अधिकारी पूरी गंभीरता व सजगता के साथ इसके ऊपर नजर बनाए हुए थे। यह दृश्य यह भी बताता है कि भारतीय सेना किसी भी संकट का सामना करने के लिए किस हद तक तैयार रहती है।

सैन्य एकजुटता की मिसाल इस ऑपरेशन की सबसे खास बात यह रही कि थल, वायु और नौसेना तीनों के प्रमुखों ने एक ही स्थान से ऑपरेशन की निगरानी की। यह एकजुटता सिर्फ सैन्य कौशल नहीं, बल्कि राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति साझा जिम्मेदारी का प्रतीक है। यह ऐसा दुर्लभ मौका था जब देश की तीनों सेनाओं की रणनीति एक मंच पर साकार होती दिखी।

रणनीति, समर्पण और सफलता की कहानी

ऑपरेशन सिंदूर की यह बुकलेट न सिर्फ एक सैन्य दस्तावेज है, बल्कि यह भारत की रणनीतिक तैयारियों और उच्च स्तरीय नेतृत्व के संकल्प की कहानी भी है। हर वह क्षण जो संचालन कक्ष में घटा, वह इस बात का प्रमाण है कि जब देश की सीमाएं खतरे में होती हैं, तब भारतीय सेना एक चट्टान की तरह खड़ी रहती है।

Navbharat Live
navbharatlive.com