अब गाड़ियों के हार्न से आएगी तबले, ढोलक और बांसुरी की आवाज, मोदी सरकार बनाने जा रही है कानून! गडकरी ने किया ऐलान

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि वह एक ऐसे कानून पर विचार कर रहे हैं, जिसके तहत वाहनों के हॉर्न में ढोलक, तबला और बांसुरी जैसे भारतीय संगीत वाद्ययंत्रों की ध्वनि का ही इस्तेमाल किया जा सकेगा।
अब गाड़ियों के हार्न से आएगी तबले, ढोलक और बांसुरी की आवाज, मोदी सरकार बनाने जा रही है कानून! गडकरी ने किया ऐलान
अब गाड़ियों के हार्न से आएगी तबले, ढोलक और बांसुरी की आवाज, मोदी सरकार बनाने जा रही है कानून! गडकरी ने किया ऐलान
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नई दिल्ली: आने वाले दिनों में हो सकता है कि आपकी गाड़ी के हार्न से ढोलक या बांसुरी की धुन सुनाई दे। इस बात की कोशिश मोदी सरकार कर रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को इस बात की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वह एक ऐसा कानून बनाने पर विचार कर रहे हैं, जिसके तहत वाहनों के हॉर्न में केवल भारतीय संगीत वाद्ययंत्रों की ध्वनि का ही इस्तेमाल किया जा सकेगा।

उन्होंने बताया कि भारत इस समय दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा वाहन बाजार है और उन्होंने बताया कि 2014 में भारत का वाहन क्षेत्र का 14 लाख करोड़ रुपये का था, ये अब बढ़कर 22 लाख करोड़ रुपये का हो गया है। भारत से आगे केवल अमेरिका और चीन ही हैं।

क्या बोले गडकरी?

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को कहा कि वह एक ऐसा कानून बनाने पर विचार कर रहे हैं, जिसके तहत वाहनों के हॉर्न में केवल भारतीय संगीत वाद्ययंत्रों की ध्वनि का ही इस्तेमाल किया जा सकेगा। गडकरी ने एक समारोह में कहा, ''मैं एक ऐसा कानून बनाने की योजना बना रहा हूं कि सभी वाहनों के हॉर्न भारतीय संगीत वाद्ययंत्रों पर आधारित हों, ताकि उन्हें सुनना सुखद हो। बांसुरी, तबला, वायलिन, हारमोनियम।'' देश की अन्य खबरें पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

वायु प्रदूषण में परिवहन क्षेत्र का योगदान 40 प्रतिशत

उन्होंने कहा कि देश में वायु प्रदूषण में परिवहन क्षेत्र का योगदान 40 प्रतिशत है। नरेन्द्र मोदी सरकार मेथनॉल, एथनॉल सहित हरित और जैव ईंधन पर चलने वाले वाहनों को बढ़ावा दे रही है। गडकरी ने कहा कि भारत को दोपहिया वाहनों और कारों के निर्यात से अधिकतम राजस्व मिलता है। उन्होंने बताया कि 2014 में भारतीय वाहन क्षेत्र का मूल्य 14 लाख करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 22 लाख करोड़ रुपये हो गया है। गडकरी ने कहा कि भारत, जापान को पीछे छोड़कर अमेरिका और चीन के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा वाहन बाजार बन गया है।

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