टेलीग्राम अपराधियों और आतंकियों का अड्डा...दिल्ली हाई कोर्ट में सरकार ने दाखिल किया जवाब, जानें क्या कुछ कहा

Delhi HC On Telegram: NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्र ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि टेलीग्राम संदिग्ध चैनलों की समय रहते पहचान करने में पूरी तरह सफल नहीं रहा और उसने अपनी सीमाएं स्वीकार कीं।
Is Telegram Banned In India: Govt Suspends Telegram Ahead of NEET UG 2026 Re-Exam
टेलीग्राम पर लगाई रोक (सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

NEET Paper Leak Investigation: NEET पेपर लीक मामले में टेलीग्राम पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध से जुड़े केस में केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में अपना हलफनामा दाखिल किया है। केंद्र ने अदालत को बताया कि टेलीग्राम ने स्वीकार किया है कि वह पेपर लीक से जुड़े संदिग्ध चैनलों और समूहों की समय रहते पहचान करने में पूरी तरह सफल नहीं रहा।

हलफनामे के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक के लिए टेलीग्राम के इस्तेमाल को लेकर कई शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इसके बाद मामले की जांच के दौरान राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने ऐसे कई टेलीग्राम चैनल, ग्रुप और बॉट्स की पहचान की, जिनका इस्तेमाल कथित रूप से लीक हुए परीक्षा सामग्री को प्रसारित करने और परीक्षा से जुड़ी धोखाधड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा था।

पहले बातचीत का रास्ता अपनाया

केंद्र सरकार ने अपने हलफनामे में कहा कि शुरुआती चरण में उसने सबसे कम प्रतिबंधात्मक उपाय अपनाने का फैसला किया और टेलीग्राम को तत्काल ब्लॉक नहीं किया गया। इसके बजाय 3 जून 2026 को टेलीग्राम के प्रतिनिधियों को बैठक के लिए बुलाया गया, ताकि इस मुद्दे पर चर्चा की जा सके। बैठक के दौरान सरकार ने चिंता जताई कि टेलीग्राम ऐसे चैनलों और समूहों की पहचान करने तथा उन्हें रोकने में प्रभावी कदम उठाने में विफल रहा, जो कथित रूप से लीक हुए प्रश्नपत्रों को साझा कर रहे थे।

टेलीग्राम ने मानी अपनी सीमाएं

हलफनामे में कहा गया है कि टेलीग्राम के प्रतिनिधियों ने बातचीत के दौरान स्वीकार किया कि इस तरह की सामग्री का स्वतः और सक्रिय रूप से पता लगाने में कुछ तकनीकी और संचालन संबंधी सीमाएं हैं। कंपनी ने यह भी बताया कि उसकी मॉडरेशन टीम रिपोर्ट किए गए चैनलों और समूहों के खिलाफ कार्रवाई कर रही थी।

केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित प्लेटफॉर्म की भूमिका और उसके जरिए फैलाए गए कंटेंट की जांच की गई, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की गई। फिलहाल इस मामले की सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट में जारी है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com