नारायण राणे बने मोदी कैबिनेट में मंत्री, महाराष्ट्र की सियासत में बीजेपी को क्या होगा फायदा?

बहुप्रतीक्षित मोदी मंत्रिमंडल का आज विस्तार (Modi Cabinet Expansion) हो गया। जिसमें करीब 43 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई है।
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नई दिल्ली: जिसमें 15 कैबिनेट मंत्री भी शामिल है। पीएम मोदी (PM Narendra Modi) के दूसरे कार्यकाल के पहले विस्तार में कई ऐसे चेहरों को शामिल किया गया है, जो दूसरी पार्टी से भाजपा में आए हैं। इन्हीं में से एक है महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे (Narayan Rane) है। राणे को मंत्रिमंडल में शामिल कर भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janta Party) ने बड़ा दांव खेला है।

शिवसेना से अपना राजनीतिक सफर शुरु करने वाले 69 वर्षीय राणे को महाराष्ट्र में एक बड़े मराठा नेताओं को गिना जाता है। महाराष्ट्र विधानसभा के छह बार विधायक रहे नारायण राणे का कोकण क्षेत्र में उनका बड़ा जनाधार है। वह राज्य में मुख्यमंत्री के साथ-साथ कई प्रमुख मंत्रालयों के मंत्री भी रह चुके है। भाजपा ने राणे को केंद्रीय कैबिनेट मंत्री पद देकर एक तीर से कई सियासी निशाने साधने का काम किया है। तो आइये जानते हैं वह कौन से निशाने हैं, जो भविष्य में भाजपा को फायदा दिला सकते हैं।

1) कट्टर शिवसेना विरोधी

महाराष्ट्र में यह बात सब जानते हैं कि बालासाहेब ठाकरे के आशीर्वाद से नारायण राणे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने थे और उनकी मौजूदगी में ही उन्होंने शिवसेना को छोड़ा भी था। नारायण राणे के शिवसेना छोड़ने के पीछे उद्धव ठाकरे के साथ उनका तालमेल ना बैठना था। बीजेपी ज्वाइन करने के बाद नारायण राणे ने उद्धव ठाकरे पर जमकर निशाना साधा है। फिलहाल शिवसेना, बीजेपी के निशाने पर है। ऐसे में राणे को और भी मजबूत कर शिवसेना को और भी ज्यादा टारगेट किया जा सकता है।

2) मराठा चेहरा

महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण का मुद्दा अभी भी महाविकास अघाड़ी सरकार की मुश्किलें बढ़ा रहा है। इस मुद्दे पर राज्य में मौजूद सभी सियासी पार्टियां इसको अगले चुनाव में भुनाने की तैयारी कर रही हैं। नारायण राणे ने भी मराठा आरक्षण के मुद्दे पर बेबाकी से अपनी राय रखी है और उद्धव ठाकरे को निशाना बनाया है। राणे ने न सिर्फ महाविकास अघाड़ी बल्कि सीधे छत्रपति संभाजी पर भी निशाना साधा था। ऐसे में बीजेपी, राणे के जरिये मराठा युवाओं को अपनी तरफ आकर्षित करना चाहती है। यह बात भी नहीं भूलनी चाहिये कि मराठा आरक्षण के लिए राणे की अध्यक्षता वाली समिति ने सिफारिश की थी।

3) बीएमसी चुनाव

देश भर में सबसे अमीर महानगरपालिका के रूप में जानी जाने वाली बीएमसी का अगले साल चुनाव होना है। बीते 26 सालों से मुंबई में बीएमसी पर शिवसेना की सत्ता है। इस बार बीजेपी ने शिवसेना को बीएमसी से उखाड़ फेंकने की बात कही है। इसके लिए अतुल भातखलकर जैसे मराठा नेता जिम्मेदारी भी दी गई है। ऐसे में अगर नारायण राणे को मंत्री बनाया तो यह बीजेपी के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

4) बीजेपी में शामिल होने वालों को सम्मान

चुनाव के दौरान एनसीपी और कांग्रेस को छोड़ बहुत से नेताओं ने बीजेपी में प्रवेश किया था। उस दौरान उन्हें यह लगा था कि बीजेपी ही सत्ता में आएगी और उन्हें सत्ता की मलाई खाने को मिलेगी लेकिन ऐसा हुआ नहीं। जिसके बाद आज भी महत्वपूर्ण पद बीजेपी के निष्ठावान नेताओं के पास ही है। फिलहाल जिन नेताओं ने बीजेपी में प्रवेश लिया था उनको भी सम्मान देकर रोके रखना चाहती है बीजेपी। राणे भी बीजेपी में आए हुए नेता हैं। ऐसे में उन्हें मंत्री बनाकर बाकी लोगों को एक संदेश देना चाहती है बीजेपी कि आपका भी नंबर आएगा।

5) राज्य में राणे का बड़ा जनाधार

महाराष्ट्र से मोदी के मंत्रिमंडल में नितिन गडकरी,पीयूष गोयल, जैसे बड़े मंत्री हैं। जिनमे केवल  नितिन गडकरी का राज्य में बड़ा जनाधार है। उनके अलावा महाराष्ट्र से मंत्रिमंडल में शामिल और किसी भी नेता का नहीं है। राणे का कोकण के साथ-साथ महाराष्ट्र में भी बड़ा जनाधार है। जिसका फायदा भाजपा लेना चाहती है। राणे को मंत्री बनाने का सीधा फायदा आने वाले निगम और अन्य चुनावों में भाजपा को मिलेगा।

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