भारत में बेसहारों का 'सहारा' बनीं मदर टेरेसा, जानें किसकी सेवा में व्यतीत किया अपना पूरा जीवन

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नई दिल्ली : हर साल 26 अगस्त को मदर टेरेसा की जयंती (Mother Teresa's Jayanti) मनाई जाती हैं। आपने इनका नाम तो जरूर सुना होगा, लेकिन क्या आप जानते है कि आखिर मदर टेरेसा कौन थी और आज उनकी जयंती के मौके पर उन्हें पूरी दुनिया क्यों याद कर रही है। तो चलिए आज हम आपको बताते हैं। मदर टेरेसा कैथोलिक नन (Catholic Nun) थीं।

इनका जन्म 26 अगस्त 1910 को अल्बानिया (Albania) में हुआ था। 18 साल तक वो अल्बानिया में रही उसके बाद वह आयरलैंड चली गई। साल 1929 में मदर टेरेसा  भारत आई और भारत में वो बेसहारा लोगों की सेवा करने लगी। इन्होनें कोढ़ जैसी बीमारी से पीड़ित लोगों की भी खूब सेवा की और अपना पूरा जीवन असहाय और रोग से पीड़ित लोगों की सेवा करने में समर्पित कर दिया। जिसकी वजह से ही सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में उन्हें पहचान मिली। 

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शब्दों से मानव जाति की सेवा नहीं होती उसके लिए पूरे लगन से कार्य में जुट जाने की आवश्यकता है- मदर टेरेसा नोबेल पुरस्कार से विभूषित, विश्व शांति की अग्रदूत, भारत रत्न मदर टेरेसा जी की जयंती पर शत शत नमन। #MotherTeresa
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-Nand Gopal Gupta Nandi (@NandiGuptaBJP)26 Aug 2022
गौरतलब है कि मदर टेरेसा को 17 अक्टूबर 1979 में  शांति के नोबेल पुरस्कार (Nobel Peace Prize) से भी नवाजा गया और साल 1980 में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ (Bharat Ratna) से भी सम्मानित किया गया। दिल का दौरा पड़ने की वजह से मदर टेरेसा की मृत्यु 5 सितंबर 1997 में हुई थी। इनके योगदान को देखते हुए हर साल 26 अगस्त को इन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है।
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