मणिपुर में हैवानियत; दो महिलाओं को भीड़ ने जनता के सामने निर्वस्त्र घुमाया, रेप का आरोप, वीडियो वायरल

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Photo: Video Screengrab
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इंफाल: मणिपुर में पिछले दो महीनों से जातीय हिंसा (Manipur Violence) रुकने का नाम नहीं ले रही है। इस हिंसा में अब तक 150 से अधिक लोगों की जान गई है। इस बीच, सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है। जिसने मानव समाज को शर्मसार कर दिया है। इस वीडियो में कुकी समुदाय की आदिवासी महिला को निःवस्त्र कर गुमाया जा रहा है। 

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस खौफनाक वीडियो ने सभी को हिलाकर रख दिया है। 2 महिलाओं को दिन में खुलेआम निर्वस्त्र कर परेड कराया जा रहा है। महिलाओं के साथ पुरुषों की भीड़ चलती दिखाई दे रही है। वहीं, भीड़ के साथ चल रहे वहसी दरिंदे लड़की को थप्पड़ मार रहे हैं और जबरदस्ती उसके प्राइवेट पार्ट छू रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद राज्य के पहाड़ी क्षेत्र में तनाव व्याप्त हो गया।

https://twitter.com/shaileshsinghsp/status/1681713002264023041

रिपोर्ट के मुताबिक, यह वीडियो मणिपुर की राजधानी इंफाल से 35 किलोमीटर दूर के कंगपोकपी (Kangpokpi District) जिले का बताया जा रहा है। यह घटना बीते 4 मई का बताया जा रहा है। दोनों महिलाएं कुकी समुदाय से हैं, वहीं जो लोग महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमा रहे हैं वो सभी मैतई समुदाय से हैं। आदिवासी संगठन इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। इस मामले पर पुलिस ने कहा है कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है। जल्द कार्रवाई होगी और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। 

आदिवासी संगठन ने लगाया रेप का आरोप

न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, इंडिजिनियस ट्राइबल लीडर फोरम (आईटीएलएफ) ने कहा, ''सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दिख रहा है कि एक समुदाय की भीड़ दो महिलाओं को खेत के पास से लेकर जा रहे हैं। इनके साथ गैंग रेप भी किया गया है।''   

आदिवासी संगठन ने राष्ट्रीय महिला आयोग और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग से कार्रवाई की अपील की है और कहा कि इन निर्दोष महिलाओं की झेली गई भयावह यातनाओं को अपराधियों ने वीडियो के जरिए शेयर किया। ये पीड़ितों की पहचान दिखाता है।

राहुल गांधी ने कहा?

इस वीडियो के वायरल होने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट कर आपत्ति जताई है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मणिपुर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पीएम की चुप्पी और निष्क्रियता ने मणिपुर को अराजकता की ओर धकेल दिया है। उन्होंने ट्वीट किया, ''भारत चुप नहीं रहेगा जब तक कि आइडिया ऑफ इंडिया पर हमला करेगा। हम मणिपुर के लोगों के साथ खड़े हैं। शांति ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है।

https://twitter.com/RahulGandhi/status/1681709275536556047

यौन हिंसा की तस्वीरें दिल दहला देने वाली: प्रियंका गांधी 

प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस घटना पर ट्वीट करते हुए कहा, 'मणिपुर से आ रही महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा की तस्वीरें दिल दहला देने वाली हैं। महिलाओं के साथ घटी इस भयावह हिंसा की घटना की जितनी निंदा की जाए कम है। समाज में हिंसा का सबसे ज्यादा दंश महिलाओं और बच्चों को झेलना पड़ता है।'

उन्होंने यह भी लिखा, 'हम सभी को मणिपुर में शांति के प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए हिंसा की एकस्वर में निंदा करनी पड़ेगी। केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री जी आखिर मणिपुर की हिंसक घटनाओं पर आंख मूंद कर क्यों बैठे हैं? क्या इस तरह की तस्वीरें और हिंसक घटनाएं उन्हें विचलित नहीं करतीं?

मणिपुर में अब तक गई 160 लोगों की जान 

मणिपुर में अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में तीन मई को पर्वतीय जिलों में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च' के आयोजन के बाद झड़पें शुरू हुई थीं। तब से अब तक 160 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। अनुसूचित जनजाति में मैतेई को शामिल करने के कथित कदम के खिलाफ अखिल जनजातीय छात्र संगठन मणिपुर द्वारा ‘जनजाति एकजुटता रैली' आयोजित किये जाने के बाद हिंसा बढ़ गई। 

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