कोलकाता कांड: चिकित्सकों की हड़ताल आज भी जारी, ममता सरकार के खिलाफ SC पहुंचा केंद्र

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में कथित दुष्कर्म और हत्या की घटना के विरोध में चिकित्सकों की हड़ताल आज भी जारी रही। वहीं केंद्र सरकार ने ममता सरकार को निशाने पर लेते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका भी दायर की है।
कोलकाता कांड: जूनियर डॉक्टरों का प्रदर्शन जारी, CM ममता से एक और बैठक की मांग, क्या बोले पीड़िता के पिता
(डिज़ाइन फोटो)
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कोलकाता: कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में बीते महीने एक प्रशिक्षु महिला चिकित्सक के कथित दुष्कर्म और हत्या की घटना के विरोध में पश्चिम बंगाल में कनिष्ठ चिकित्सकों की हड़ताल आज भी जारी रही। तीन सप्ताह से अधिक समय से जारी हड़ताल के कारण राज्य के ज्यादातर सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं।

इधर केंद्र सरकार ने ममता सरकार को निशाने पर लेते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका भी दायर की है। गृह मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अर्जी में कहा गया है कि ऑन ड्यूटी CISF कर्मियों के पास उचित आवास और बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं, जिसकी वजह से उन्हें ड्यूटी करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

इस हड़ताल में शामिल एक जूनियर डॉक्टर ने कहा, ‘‘न्याय की हमारी मांग अब भी अधूरी है। विरोध-प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक हमारी बहन को इंसाफ नहीं मिल जाता और दोषियों को कड़ी सजा नहीं दे दी जाती।'' उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी चिकित्सक कोलकाता के पुलिस आयुक्त विनीत गोयल के इस्तीफे की भी मांग कर रहे हैं, लेकिन वह अभी तक पद पर बने हुए हैं। प्रदर्शनकारी चिकित्सकों का आरोप है कि पुलिस ने आरजी कर अस्पताल में नौ अगस्त को एक महिला चिकित्सक के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या की घटना की जांच के दौरान पर्याप्त कदम नहीं उठाए।

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बाद में मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी थी। आरजी कर अस्पताल के एक जूनियर डॉक्टर ने कहा, ‘‘हमारा मानना ​​है कि मामले में कई लोगों को बचाया जा रहा है और सच्चाई सामने आनी चाहिए।''

जानकारी दें कि बीते मंगलवार को 'ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ गवर्नमेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (NIFGDA)' ने कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में महिला के साथ कथित बलात्कार व हत्या के मामले में मंगलवार को शीघ्र न्याय की मांग की था। एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए NIFGDA के अतिरिक्त महासचिव डॉ.सुवर्ण गोस्वामी और डॉ। प्रफुल्ल कुमार ने मामले में जवाबदेही की मांग करते हुए देशव्यापी आंदोलन के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की। एक बयान के अनुसार, संगठन ने घटना पर व्यापक सार्वजनिक आक्रोश को ध्यान में रखते हुए न्यायपालिका से मामले का निस्तारण संवेदनशीलता और तत्परता से करने का आग्रह किया।

बता दें कि आरजी कर अस्पताल के सेमिनार कक्ष में नौ अगस्त को एक प्रशिक्षु महिला डॉक्टर का शव अर्धनग्न अवस्था में मिला था। पुलिस ने इस मामले में अगले दिन एक नागरिक स्वयंसेवक को गिरफ्तार किया था।

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