

Karnataka Congress Chief Minister Battle: कर्नाटक कांग्रेस में चल रही अंदरूनी कलह शांत नहीं हो रही है। इसी गतिरोध सुलझाने के लिए पार्टी आलाकमान जल्द बड़ा फैसला ले सकती है। खबरों के अनुसार पार्टी आज बड़ी बैठक करेगी। इस बैठक के लिए कांग्रेस ने सीएम सिद्धारमैया को दिल्ली बुलाया है। ऐसी माना जा रहा है कि इस महीने के खत्म होने से पहले कांग्रेस कर्नाटक से जुड़े सभी मामलों को सुलझा लेगी।
इस गतिरोध को सुलझाने के लिए जल्द ही सीएम सिद्धारमैया के साथ डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार को भी दिल्ली बुलाया जा सकता है। कांग्रेस पार्टी के पास फिलहाल कर्नाटक के मसले को सुलझाने के तीन विकल्प मौजूद हैं...
कांग्रेस के पास पहला विकल्प यह है कि सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री के तौर पर काम जारी रखने दिया जाए और साथ ही उनको लंबे समय से अटके कैबिनेट में फेरबदल और विस्तार को आगे बढ़ाने की अनुमति दी जाए। कांग्रेस के इस कदम से सरकार और पार्टी के भीतर सिद्धारमैया की स्थिति ऐर मजबूत होगी। इसका यह भी मतलब होगा कि डी.के. शिवकुमार को शीर्ष पर पहुंचने के लिए लिए और लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में, कांग्रेस को डी.के. शिवकुमार को मनाना होगा, जिसके लिए उनके कैबिनेट विभागों को और मजबूत किया जा सकता है। इसके साथ ही शिवकुमार के भाई और करीबी सहयोगियों को बड़ी भूमिकाएं दी जा सकती हैं।
कांग्रेस के पास दूसरा विकल्प भी है, जिस पर चर्चा हो रही है कि सिद्धारमैया के लिए संभावित राष्ट्रीय भूमिका। कांग्रेस नेतृत्व उनको राज्यसभा में विपक्ष के नेता का पद देकर दिल्ली भेजने पर विचार कर सकता है। ऐसी स्थिति बनने पर पार्टी के कुछ लोग कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को भी कर्नाटक में सरकार का नेतृत्व करने के लिए एक सर्वसम्मत और सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं।
अब अगर पिछले दो विकल्प नहीं कान करते हैं तो आलाकमान के सामने तीसरा विकल्प यह है कि सिद्धारमैया को पद छोड़ने के लिए मनाया जाए। जिससे लंबे समय से चले आ रहे पावर शेयरिंग के वादे के अनुरूप डी.के. के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो। वहीं, सिद्धारमैया ने बी सार्वजनिक रूप से यह कहा है कि कांग्रेस आलाकमान जो भी फैसला लेगा, वह उसका पालन करेंगे।
मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार, कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर अगले दो-तीन दिन में फैसला संभव है। इसके लिए खुद राहुल गांधी सीएम सिद्धारमैया और डीके से बात करेंगे। इस दौरान कैबिनेट, राज्यसभा, विधानपरिषद सीटों को लेकर भी चर्चा की जाएगी।