इसरो के ब्लूबर्ड-2 सैटेलाइट की लॉन्चिंग थोड़ी देर में, यहां देखें लाइव स्ट्रीमिंग

Bluebird Block-2 Satellite Launch: इसरो आज फिर से इतिहास रचने जा रहा है। सुबह 8 बजकर 54 मिनट पर इसरो 6100 किलोग्राम वजनी ब्लूबर्ड-2 सैटेलाइट को लॉन्च करेगा। इसे लेकर तैयारियां पूरी हैं।
ISRO Bluebird-2 satellite to launch in a few hours, watch live streaming here
इसरो का लॉन्च होने वाला सैटेलाइट। इमेज-सोशल मीडिया
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LVM3-M6 Bluebird Block-2 Satellite Launch Updates: आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से आज इंडियन स्पेस रिसर्च सेंटर (ISRO) अपना अहम कॉमर्शियल मिशन लॉन्च करने जा रहा। LVM3-M6 रॉकेट के माध्यम से अमेरिका की अगली पीढ़ी का कम्युनिकेशन सैटेलाइट ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 सुबह 8:54 बजे लॉन्च किया जाएगा। लॉन्चिंग को इसरो के यूट्यूब चैनल isro official पर देख पाएंगे। दूरदर्शन समेत कई न्यूज चैनल पर भी देख सकेंगे।

ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 मिशन ग्लोबल एलईओ कांस्टेलेशन का हिस्सा है। इसका उद्देश्य सैटेलाइट के माध्यम से सीधे मोबाइल पर कनेक्टिविटी देना है। इससे 4G और 5G वॉयस कॉल, वीडियो कॉल, मैसेजिंग और डेटा सेवाएं दुनिया के किसी भी हिस्से में उपलब्ध कराई जा सकेंगी। किसी भी स्मार्टफोन के जरिए अंतरिक्ष से सीधे कॉल की जा सकेगी।

सैटेलाइट में फुटबॉल के आधे मैदान के बराबर का एंटीना

इसमें 223 स्क्वायर मीटर का फेज्ड ऐरे है। जो इसे 600 किलोमीटर की ऊंचाई पर लो अर्थ ऑर्बिट में डिप्लॉय किया गया सबसे बड़ा कॉमर्शियल कम्युनिकेशन सैटेलाइट बनाता है। यह सैटेलाइट 6,100 किलोग्राम वजनी है। एक ब्लूबर्ड सैटेलाइट में 64 स्क्वायर मीटर यानी फुटबॉल के आधे मैदान के बराबर का एंटीना होगा। इसरो के मुताबिक मिशन डेडिकेटेड कॉमर्शियल लॉन्च है। इसे न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) और अमेरिका की कंपनी AST स्पेस मोबाइल के बीच हुए करार के तहत अंजाम दिया जा रहा। एनएसआईएल, इसरो की कॉमर्शियल शाखा है।

सबसे भारी पेलोड होगा

लॉन्च से पहले इसरो के चेयरमैन वी. नारायणन ने 22 दिसंबर को तिरुमला स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में पूजा की। इसरो ने बताया कि ये अब तक LVM3 रॉकेट से लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में भेजा जाने वाला सबसे भारी पेलोड होगा। इससे पहले सबसे भारी पेलोड 4,400 किलोग्राम का था। उसे नवंबर 2024 में जीटीओ में लॉन्च किया गया था। स्पेस एजेंसी के मुताबिक 43.5 मीटर ऊंचा LVM3 रॉकेट तीन चरणों वाला है। इसमें क्रायोजेनिक इंजन का इस्तेमाल किया गया है। रॉकेट को लिफ्ट ऑफ के लिए दो S200 सॉलिड बूस्टर थ्रस्ट देते हैं। लॉन्च के 15 मिनट बाद सैटेलाइट के रॉकेट से अलग होने की उम्मीद है।

ब्लूबर्ड-1 से 5 सैटेलाइट लॉन्च कर चुका है AST स्पेस मोबाइल

इससे पहले सबसे भारी LVM3-M5 कम्युनिकेशन सैटेलाइट 03 था। उसका वजन 4,400 kg था, जिसे ISRO ने 2 नवंबर को जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (GTO) में सफलतापूर्वक लॉन्च किया था। AST स्पेस मोबाइल पहले सितंबर 2024 में ब्लूबर्ड-1 से 5 सैटेलाइट लॉन्च कर चुका है। कंपनी का दावा है कि उसने दुनिया भर में 50 से ज्यादा मोबाइल ऑपरेटरों के साथ साझेदारी की है। आगे भी इसी तरह के सैटेलाइट लॉन्च किए जाएंगे।

सर्विस प्रोवाइडर बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी

कंपनी ने कहा है कि हमारा टारगेट सेलुलर ब्रॉडबैंड को पूरी दुनिया में पहुंचाने का है। हम लोगों को वहां भी कनेक्टिविटी देना चाहते हैं, जहां ट्रेडिशनल नेटवर्क नहीं पहुंच पाते। इससे शिक्षा, सोशल नेटवर्किंग, स्वास्थ्य सेवा समेत कई क्षेत्रों में बहुत से अवसर खुलेंगे। कंपनी ने कहा कि हमारी सर्विस (अंतरिक्ष से सीधे कॉल) का इस्तेमाल करने के लिए किसी को सर्विस प्रोवाइडरों बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके लिए हम दुनिया भर के मोबाइल नेटवर्क ऑपरेटरों के साथ काम कर रहे हैं।

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