

Operation Sagar Bandhu Latest Update: चक्रवात 'दित्वाह' से श्रीलंका में भीषण तबाही आने के बाद, संकट के इस समय में भारत ने अविलंब मदद का हाथ बढ़ाया है। भारतीय वायुसेना (IAF) ने बड़े पैमाने पर मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियान के तहत 'ऑपरेशन सागर बंधु' शुरू किया है।
भारत ने 'पड़ोसी प्रथम' की भावना को दोहराते हुए, आपदा में लोगों को राहत पहुंचाने की पहल की है। वायुसेना के मुताबिक, राहत सामग्री लेकर सी-130 और आईएल-76 विमान दिल्ली के निकट हिंडन एयर बेस से श्रीलंका के लिए रवाना हुए थे। वायुसेना द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, ये विमान 29 नवंबर की रात को रवाना हुए और रविवार (30 नवंबर) सुबह कोलंबो में लैंड कर चुके हैं।
इन विमानों में कुल 21 टन राहत सामग्री, 80 से अधिक एनडीआरएफ (NDRF) कर्मी और 8 टन उपकरण भेजे गए हैं। श्रीलंका भेजी गई सामग्री में आवश्यक राशन, दवाइयां, मेडिकल किट, भिष्म क्यूब्स और अन्य आपदा राहत उपकरण शामिल हैं। भारतीय वायुसेना के विमानों के जरिए राहत सामग्री पहुंचाने के साथ-साथ एनडीआरएफ की रेस्क्यू टीम श्रीलंका में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने की कोशिशों में जुटी है। आईएल-76 विमान पहले ही कोलंबो पहुंच चुका था और यह दल राहत सामग्री उतारने के साथ-साथ फंसे हुए भारतीय नागरिकों को वापस लाने का काम भी करेगा।
ऑपरेशन सागर बंधु के तहत तत्काल बचाव अभियान को अंजाम देने वाले दल की तैनाती और राहत सामग्री की आपूर्ति की जा रही है। राहत कार्यों की गति तेज करने के लिए, भारतीय वायुसेना ने कोलंबो में एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर भी तैनात किए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से सहायता पहुंचाई जा सके। इसके अलावा, बड़े पैमाने पर भारतीय नागरिकों की सुरक्षित निकासी के लिए वायुसेना के सी-17, सी-130 और आईएल-76 परिवहन विमान तैयार रखे गए हैं।
यह अभियान केवल श्रीलंका तक सीमित नहीं है। दक्षिणी भारत के तटीय क्षेत्रों में राहत प्रयासों को तेज करने के लिए, तमिलनाडु में भी राहत और बचाव की कार्रवाई तेज कर दी गई है। वायुसेना के विमान यहां आवश्यक उपकरण एवं राहतकर्मियों को लेकर पहुंचे हैं। सी-17 ग्लोबमास्टर ने पुणे से चेन्नई तक एक और एनडीआरएफ टीम तथा भारी उपकरण पहुंचाए हैं। अतिरिक्त सहायता के तौर पर, एक और सी-17 विमान वडोदरा में एनडीआरएफ टीम और उनके उपकरणों के साथ लोड किया जा रहा है, जिसे चेन्नई भेजा जाएगा।
भारतीय वायुसेना ने स्पष्ट किया है कि वह जीवन बचाने और संकटग्रस्त पड़ोसी देशों को हर संभव समय पर सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। ऑपरेशन सागर बंधु, भारत व श्रीलंका की मैत्री और क्षेत्रीय सहयोग का एक संवेदनशील और मानवीय उदाहरण बनकर सामने आया है।