FATF Vice President: आईएएस विवेक अग्रवाल को मिली FATF की ऐतिहासिक कमान, भारत की बढ़ा मान

FATF Vice President: भारत को पहली बार FATF की उपाध्यक्षता मिली है। मध्य प्रदेश कैडर के 1994 बैच के सीनियर IAS विवेक अग्रवाल को FATF का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जिससे भारत का वैश्विक कद बढ़ा है।
FATF Vice President: IAS Vivek Agrawal Appointed As Vice President Of FATF In Big Win For India
IAS अधिकारी विवेक अग्रवाल (सोर्स-सोशल मीडिया)
Updated on

India FATF Vice President: मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग पर नकेल कसने वाली वैश्विक संस्था में भारत का कद बहुत ज्यादा बढ़ गया है। भारत को अपने इतिहास में पहली बार इस अहम संस्था की उपाध्यक्षता मिली है। मध्य प्रदेश कैडर के 1994 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विवेक अग्रवाल को नया उपाध्यक्ष चुना गया है। यह पूरे भारत के लिए बहुत ही गर्व और ऐतिहासिक सम्मान की बात मानी जा रही है।

वर्तमान में विवेक अग्रवाल केंद्र सरकार में संस्कृति सचिव के अहम पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पेरिस में स्थित संस्था के मुख्यालय में शुक्रवार को हुई पूर्ण बैठक में यह बड़ा फैसला लिया गया। इस बड़ी और महत्वपूर्ण बैठक में सदस्यों ने सर्वसम्मति से भारत के विवेक अग्रवाल को नया उपाध्यक्ष चुना है। यह नियुक्ति इस वैश्विक संस्था में भारत की मजबूत स्थिति को बहुत अच्छे से दर्शाती है।

कार्यकाल और पदभार की जानकारी

विवेक अग्रवाल अपना यह नया और महत्वपूर्ण कार्यभार अगले महीने जुलाई 2026 से पूरी तरह संभाल लेंगे। उनका यह अहम कार्यकाल जुलाई 2026 से शुरू होकर अगले साल जून 2027 तक पूरी तरह से चलेगा। वह इस अहम पद पर ब्रिटेन के जाइल्स थॉमसन की जगह लेने वाले हैं जो 1 जुलाई 2025 से कार्यरत थे। यह उपाध्यक्ष संगठन के कामकाज को सही दिशा देने में अध्यक्ष की बहुत बड़ी मदद करता है।

भारत और विवेक अग्रवाल का अनुभव

भारत साल 2010 से ही इस बेहद प्रभावशाली अंतरराष्ट्रीय संस्था का एक बहुत ही अहम सदस्य बना हुआ है। विवेक अग्रवाल इससे पहले इस संस्था में भारतीय प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख के रूप में भी काम कर चुके हैं। इसके साथ ही वह वित्तीय खुफिया इकाई के निदेशक के रूप में भी अपनी शानदार सेवाएं दे चुके हैं। साल 2024 की रिपोर्ट में संस्था ने भारत के अच्छे ढांचे और शानदार परिणामों की खूब तारीफ की थी।

भारत के लिए ऐतिहासिक जीत

भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने इस शानदार नियुक्ति को देश के लिए एक बहुत बड़ी जीत बताया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि अग्रवाल की विशेषज्ञता इस संगठन को बहुत आगे बढ़ाएगी। आतंकवाद के खिलाफ भारत की हमेशा से ही एक बेहद सख्त और जीरो-टोलरेंस की नीति रही है। यह बड़ी जिम्मेदारी 17 से 19 जून की पेरिस बैठक के बाद आतंकी फंडिंग नेटवर्क से निपटने में हमारी भूमिका को मजबूत करेगी।

वैश्विक मंच पर बढ़ता भरोसा

मंत्रालय ने इसे एक ऐतिहासिक नियुक्ति बताते हुए कहा कि यह 200 से अधिक अधिकार क्षेत्रों में भरोसे को दिखाता है। वित्त मंत्रालय ने भी इस बड़ी उपलब्धि को देश के बढ़ते शानदार नेतृत्व की ऐतिहासिक मान्यता करार दिया है। खुद विवेक अग्रवाल ने कहा कि यह सम्मान हमारे मजबूत ढांचे और कड़े सामूहिक प्रयासों की एक बड़ी पहचान है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली को सुरक्षित बनाने के लिए मिलकर काम करने की उत्सुकता भी जताई।

Navbharat Live
navbharatlive.com