“सबको आने देंगे तो धर्मशाला बन जाएगा!” अमित शाह का विपक्ष और घुसपैठ पर बड़ा बयान

Amit Shah ने शरणार्थियों और घुसपैठ के मुद्दे को लेकर शुक्रवार को विपक्ष पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि सबको अनियंत्रित तरीके से आने दिया गया तो भारत ‘धर्मशाला’ बन जाएगा।
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अमित शाह (Image- Social Media)
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Amit Shah Social Media Post: अमित शाह ने कहा कि देश की मिट्टी पर जितना उनका अधिकार है, उतना ही पाकिस्तान और बांग्लादेश के हिंदुओं का है। अमित शाह ने कहा कि देश में मुस्लिम आबादी के बढ़ने का मुख्य कारण प्रजनन दर नहीं, बल्कि पाकिस्तान और बांग्लादेश से होने वाली घुसपैठ है।

अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि आजादी के समय पाकिस्तान में हिंदुओं का हिस्सा तेरह फीसदी और अन्य अल्पसंख्यक 1.2 फीसदी था, जो अब घटकर 1.73 फीसदी रह गया। वहीं, बांग्लादेश में हिंदुओं की आबादी बाईस फीसदी से घटकर केवल 7.9 फीसदी रह गई।

कांग्रेस पर भड़के अमित शाह

उन्होंने बताया कि इन देशों के कई हिंदू भारत में शरणार्थी बने, क्योंकि वहां उन्हें प्रताड़ना झेलनी पड़ी। अमित शाह ने कहा, “आजादी के बाद भारत के नेताओं ने पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यकों को वादा किया था कि बाद में नागरिकता दी जाएगी, लेकिन कांग्रेस सरकारों ने उन्हें शरणार्थी ही बना दिया। जब पीएम मोदी की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनी, तब उन्हें नागरिकता प्रदान की गई।”

असम में 2011 की जनगणना में मुस्लिमों की आबादी की दशकीय वृद्धि दर 29.6% थी। यह घुसपैठ के बिना संभव नहीं है। पश्चिम बंगाल के कई जिलों में यह वृद्धि दर 40% है, और कई सीमावर्ती क्षेत्रों में 70% तक पहुंच गई है। यह स्पष्ट प्रमाण है कि घुसपैठ अतीत में हुई है।- अमित शाह

सभी को आने दिया गया तो हमारा देश धर्मशाला बन जाएगा: शाह

अमित शाह ने घुसपैठ के संदर्भ में कहा कि जिन लोग धार्मिक उत्पीड़न के बिना भारत में प्रवेश करना चाहते हैं, वे घुसपैठिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी, “अगर सभी को आने दिया गया तो हमारा देश धर्मशाला बन जाएगा। पाकिस्तान और बांग्लादेश के हिंदुओं का उतना ही अधिकार है जितना मेरा।”

झारखंड में घटती जनजातीय आबादी के पीछे कौन?

विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कुछ पार्टियों ने वोट बैंक की राजनीति के चलते घुसपैठियों को आश्रय दिया। उन्होंने गुजरात, राजस्थान और झारखंड के उदाहरण देते हुए कहा कि इन राज्यों में सीमा होने के बावजूद घुसपैठ नहीं होती। झारखंड में जनजातीय आबादी में गिरावट का कारण भी पाकिस्तान और बांग्लादेश से आए अवैध प्रवासियों को बताया।

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