बाजार में आने को तैयार है नया लहसुन, जानें कब और कितनी घटेगी कीमत

Garlic Price down
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  • लहसुन की कीमतों में उछाल जारी 
  • नई फसल आते ही घटेंगे दाम  
Garlic price hike: प्याज से साथ ही लहसुन (Garlic) ने भी रुलाना शुरू किया था। प्याज की बढ़ती कीमत पर निर्यात रोक कर केंद्र सरकार ने रोक तो लगा दी लेकिन प्याज उपादक किसान आज भी रो रहे हैं। लहसुन की कीमत भी प्याज के साथ ही आसमान पर गई थी  लेकिन प्याज के साथ उसके दाम उतरे नहीं, बल्कि वो अब सातवे आसमान पर पहुँच गए हैं। आम जनता की रसोई से लहसुन लुप्त हो चुका है। मध्यमवर्ग की रसोई से विलुप्ति की कगार पर है। नासिक मंडी में लहसुन की कीमत 3000 रुपये प्रति दस किलो पहुंच गई है। खुदरा बाजार में एक किलो लहसुन की कीमत  450 से 500 रुपये तक पहुंच गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि नई फसल के लहसुन जल्द ही बाजार में आएंगे और लहसुन की बढ़ी कीमत (Price Hike) से जनता को जल्द राहत मिलेगी लेकिन इसके लिए एक महीने का इंतज़ार करना होगा।  
Garlic Price will decline
हर रोज 14 से 15 ट्रक बाजारों में हो रहे आयात
मांग के अनुसार कम आयात होने की तुलना में बाजार में 10 किलो लहसुन की कीमत 1500 रुपये से 3000 रुपये तक पहुंच गई है। खुदरा बाजार में ये और भी महंगा मिल रहा है। इस मूल्य वृद्धि से ग्राहकों को परेशानी हो रही है और लहसुन रसोई से गायब हो गया है। मध्य प्रदेश के नीमच, मंदसौर, जावरा, पितौलिया, इंदौर भाग से हर रोज 14 से 15 ट्रक यहां के बाजारों में प्रवेश कर रहे हैं। 
बेमौसम बारिश ने किया नुकसान 
पिछले साल सर्दी के साथ-साथ लंबी गर्मी के कारण इस साल लहसुन के मौसम में देरी हुई है। इसी बीच बेमौसम बारिश से लहसुन के उत्पादन भी प्रभावित हुए है। बेमौसम बारिश के कारण भी लहसुन के फसल को नुकसान हुआ है। भविष्य में लहसुन खराब होने के फेंकने के बजाय किसानों ने ऊंचे रेट का फायदा उठाना शुरू कर दिया है। इसके लिए बड़े पैमाने में कच्चे लहसुन निकाल कर माल बाजार में भेजे जा रहे है।  इसलिए नए सीजन की शुरुआत में कम गुणवत्ता वाला लहसुन भी बड़ी मात्रा में बाजार में आ रहा है। इस पर विक्रेताओं ने बताया कि कई ग्राहक सिर्फ लहसुन का भाव पूछकर वापस लौट जा रहे हैं। 
Garlic Price hike
नई फसल के आने से घटेगी कीमत (Garlic Price will decline with new Crop)
लहसुन की नई फसल बाजार तक आने में करीब महीने भर से ज्यादा का वक्त लगेगा तब तक लहसुन के भाव और बढ़ सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है की नै फसा के आते ही लहसुन की कीमत में गिरावट आएगी लेकिन फिर भी इसे सामन्य दाम तक आने में करीब तीन महीने का समय चला जाएगा। नई फसल के आने के साथ ही खुदरा बाजार में लहसुन प्रति किलो 100 रुपये तक पहुंच सकता है। ऐसे में ये खा जा सकता है कि प्याज ने तो रुलाना बंद किया है लेकिन लहसुन अभी कुछ दिन और रुलाएगा। वैसे भी लहसुन की रसोई वापसी का इंतज़ार जनता बेसब्री से कर रही है।  
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