लखनऊ-कानपुर से भी जुड़ेगा गंगा एक्सप्रेस-वे, दिल्ली से पहुंचना होगा और आसान

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- राजेश मिश्र

लखनऊ : मेरठ (Meerut) से प्रयागराज (Prayagraj) के बीच बन रहा देश का सबसे लंबा गंगा एक्सप्रेस-वे (Ganga Expressway) अब उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) से भी जुड़ेगा। इसके बाद दिल्ली से मेरठ होते हुए लखनऊ का रास्ता और भी आसान हो जाएगा। गंगा एक्सप्रेस-वे को उन्नाव के पास लखनऊ-कानपुर के बीच बनने वाले एक्सप्रेस-वे से जोड़ा जाएगा। इसके बाद गंगा एक्सप्रेस-वे बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज के साथ ही लखनऊ से भी जुड़ जाएगा। 

नोडल एजेंसी उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के अधिकारियों के मुताबिक उन्नाव के सोनिक और नेवरना गांव के पास गुजर रहे गंगा एक्सप्रेस-वे के उपर एलीवेटेड रोड के जरिए कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे को निकाला जाएगा। यहीं पर दो जंक्शन बना कर दोनों एक्सप्रेस-वे को जोड़ दिया जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इसके लिए चिन्हांकन का काम पूरा कर लिया है। गंगा एक्सप्रेस-वे के लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे से जुड़ जाने के बाद दिल्ली से सीधा संपर्क का एक और सामान पर कम दूरी का रास्ता मिलेगा और पहुंचने में कम समय लगेगा। 

एक्सप्रेस-वे पर 3.5 किमी लंबी हवाई पट्टी बनेगी

यूपीडा अधिकारियों का कहना है कि इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण से करीब 518 ग्राम आच्छादित होंगे। इसके साथ ही एक्सप्रेस-वे से प्रदेश के मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़, और प्रयागराज  जिलों को जोड़ा जाएगा। एक्सप्रेस-वे पर आपातकालीन स्थिति में भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों के लैंडिंग/टेक ऑफ के लिए शाहजहांपुर में 3.5 किमी लंबी हवाई पट्टी भी विकसित की जानी है। साथ ही लोगों की सुविधाओं के लिए 9 जन सुविधा केंद्र, 7 रेलवे ओवर ब्रिज, 14 दीर्घ सेतु, 126 लघु सेतु और 381 अंडरपास बनाया जाएगा। 

पीएम मोदी ने किया था शिलान्यास 

एक्सप्रेस-वे पर प्रवेश और निकासी के लिए 17 स्थानों पर इंटरचेंज सुविधा भी दी जाएगी। परियोजना के आस पास के गांवों के निवासियों के लिए सर्विस रोड भी बनाया जाएगा। यूपीडा अधिकारियों ने बताया कि गंगा एक्सप्रेस-वे प्रदेश का छठा और सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे होगा। गंगा एक्सप्रेस-वे की परियोजना की लागत 36,290 करोड़ रुपये है। एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास दिसंबर 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण की नोडल एजेंसी यूपीडा के मुताबिक इसका निर्माण कुल चार पैकेज में किया जा रहा है। वैश्विक निविदा के बाद एक्सप्रेस-वे के निर्माण में तीन पैकेज का काम अडानी समूह और एक पैकेज का काम आईआरबी इंफ्रा मुंबई को दिया गया है। 

यही नहीं गंगा एक्सप्रेस-वे के दोनों किनारों पर मेरठ, हापुड़, बरेली, मुरादाबाद, हरदोई, लखनऊ, कानपुर और प्रयागराज में इंडस्ट्रियल हब बनाने के लिए सरकार की तरफ से यूपीडा का अधिकृत किया गया है। इसके लिए एजेंसी का चयन कर इंडस्ट्रियल हब को विकसित करने का काम शुरु कर दिया गया है।  एक्सप्रेस-वे खाद्य प्रसंस्करण इकाईयों, भंडार गृह, मंडी और दुग्ध आधारित उद्योगों की स्थापना की जाएगी।

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